कक्षा 9 · विज्ञान · Hindi माध्यम · नोट्स / व्याख्या

अध्याय 2: कोशिका – जीवन की निर्माण इकाई

नीचे अध्याय के संपूर्ण नोट्स, सरल व्याख्या, महत्त्वपूर्ण अवधारणाएँ, गतिविधियाँ और पुनरावृत्ति बिंदु पढ़ें।

अन्वेषणहिंदी माध्यमनोट्स / व्याख्या
कक्षा
9
विषय
विज्ञान
पुस्तक
अन्वेषण
माध्यम
Hindi
अध्याय 2 के संपूर्ण नोट्स एवं सारांश

इस पृष्ठ पर अध्याय के क्रमबद्ध नोट्स, व्याख्या, गतिविधियाँ और पुनरावृत्ति बिंदु दिए गए हैं।

अध्याय नोट्स

अध्याय के मुख्य उद्देश्य

इस अध्याय में हम जानेंगे—

  • कोशिका क्या है और इसका अध्ययन कैसे किया जाता है।
  • कोशिका झिल्ली तथा कोशिका भित्ति के कार्य क्या हैं।
  • पूर्वकेंद्रकी और सुकेंद्रकी कोशिकाओं में क्या अंतर है।
  • कोशिकांग मिलकर कोशिका का कार्य कैसे चलाते हैं।
  • कोशिकाएँ वृद्धि और विभाजन कैसे करती हैं।
  • कोशिका सिद्धांत क्या है।
  • सामान्य और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि में क्या अंतर है।

अध्याय नोट्स

परिचय

वैज्ञानिक समुदाय में सामान्यतः माना जाता है कि जीवन की उत्पत्ति जल में हुई थी। कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार प्रारंभिक जीवन महासागरों के बजाय बदलती परिस्थितियों वाले छोटे जलकुंडों या उष्ण स्रोतों में उत्पन्न हुआ होगा।

लद्दाख की पुगा घाटी के उष्ण स्रोतों में अत्यधिक तापमान पर रहने वाले एककोशिकीय जीवाणु पाए जाते हैं, जिन्हें तापरागी जीवाणु या थर्मोफाइल्स कहते हैं। इन उष्ण स्रोतों के आसपास बने कैल्सियम कार्बोनेट के निक्षेपों ने प्रारंभिक कार्बनिक अणुओं को हानिकारक विकिरणों से बचाया होगा तथा संभवतः पहली सुरक्षात्मक झिल्ली बनने में सहायता की होगी।

अध्याय नोट्स

कोशिका का महत्त्व

कोशिका सभी सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।

  • जीवाणु और यीस्ट जैसे जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं। इन्हें एककोशिकीय जीव कहते हैं।
  • पादप, मछली, पक्षी और मनुष्य अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं। इन्हें बहुकोशिकीय जीव कहते हैं।

संगठन का क्रम—

अध्याय नोट्स

कोशिका → ऊतक → अंग → अंग-तंत्र → जीव

एक समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह ऊतक बनाता है। अनेक ऊतक मिलकर अंग तथा अनेक अंग मिलकर अंग-तंत्र बनाते हैं।

अध्याय नोट्स

2.1 कोशिकाओं का अध्ययन कैसे करें?

अधिकांश कोशिकाएँ इतनी छोटी होती हैं कि उन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता।

अध्याय नोट्स

मानव नेत्र की विभेदन सीमा

दो अत्यंत निकट स्थित वस्तुओं को अलग-अलग देखने की क्षमता को विभेदन क्षमता कहते हैं।

लगभग 25 सेमी की दूरी पर मानव नेत्र दो ऐसे बिंदुओं को अलग-अलग देख सकता है जिनके बीच की दूरी लगभग 0.1 मिलीमीटर हो। इससे कम दूरी पर दोनों बिंदु एक दिखाई देते हैं।

अतः मानव नेत्र की विभेदन सीमा लगभग—

अध्याय नोट्स

0.1 mm

है।

अध्याय नोट्स

सूक्ष्मदर्शी

बहुत छोटी वस्तुओं और कोशिकाओं को देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी का उपयोग किया जाता है।

अध्याय नोट्स

रॉबर्ट हुक का योगदान

सन् 1665 में वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक ने अपने बनाए सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क की पतली परत का अध्ययन किया। उन्होंने उसमें छोटे-छोटे डिब्बेनुमा कोष्ठ देखे और उन्हें सेल या कोशिका नाम दिया।

उनका सूक्ष्मदर्शी वस्तु को लगभग 200–300 गुना बड़ा दिखा सकता था।

अध्याय नोट्स

प्रकाश सूक्ष्मदर्शी

प्रकाश सूक्ष्मदर्शी में दो प्रमुख लेंस होते हैं—

  • नेत्रिका लेंस
  • अभिदृश्यक लेंस

इसका कुल आवर्धन दोनों लेंसों की आवर्धन क्षमता को गुणा करके ज्ञात किया जाता है।

अध्याय नोट्स

कुल आवर्धन का सूत्र

अध्याय नोट्स

कुल आवर्धन = नेत्रिका का आवर्धन × अभिदृश्यक का आवर्धन

उदाहरण—

यदि नेत्रिका 10X और अभिदृश्यक लेंस 40X है, तो—

अध्याय नोट्स

कुल आवर्धन = 10 × 40 = 400X

अध्याय नोट्स

इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी

इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के स्थान पर इलेक्ट्रॉन पुंज का उपयोग होता है। इससे कोशिका की अत्यंत सूक्ष्म संरचनाओं को नैनोमीटर स्तर तक देखा जा सकता है।

अध्याय नोट्स

1 नैनोमीटर = एक मीटर का एक अरबवाँ भाग

सूक्ष्मदर्शी की तीन महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ हैं—

  • आवर्धन — वस्तु को बड़ा दिखाना।
  • विभेदन — दो निकट वस्तुओं को स्पष्ट और अलग दिखाना।
  • विपर्यास — वस्तु के विभिन्न भागों की चमक या रंग में अंतर उत्पन्न करना।

अध्याय नोट्स

क्रियाकलाप 2.1 — कोशिका के आकार का अनुमान

इस क्रियाकलाप में सूक्ष्मदर्शी के दृश्य क्षेत्र का व्यास मापा जाता है और उसके व्यास के साथ दिखाई देने वाली कोशिकाओं की संख्या गिनी जाती है।

अध्याय 2 का चित्र 3

अध्याय नोट्स

इकाई परिवर्तन

अध्याय नोट्स

1 mm = 1000 µm

अध्याय नोट्स

कोशिका के आकार का सूत्र

अध्याय नोट्स

कोशिका का अनुमानित आकार = दृश्य क्षेत्र का व्यास ÷ व्यास के अनुदिश कोशिकाओं की संख्या

उदाहरण—

यदि दृश्य क्षेत्र का व्यास 5 mm है—

अध्याय नोट्स

5 mm = 5000 µm

यदि व्यास के साथ 25 कोशिकाएँ दिखाई देती हैं—

अध्याय नोट्स

एक कोशिका का आकार = 5000 ÷ 25 = 200 µm

अध्याय नोट्स

2.2 कोशिका की संरचना

अधिकांश कोशिकाओं में तीन मूल भाग पाए जाते हैं—

  • कोशिका झिल्ली
  • कोशिकाद्रव्य
  • केंद्रक

सुकेंद्रकी कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में अनेक छोटे कार्यात्मक भाग भी होते हैं, जिन्हें कोशिकांग कहते हैं।

अध्याय नोट्स

2.2.1 कोशिका झिल्ली — कोशिका की सार्वत्रिक विशेषता

कोशिका झिल्ली एक पतला आवरण है, जो कोशिका को चारों ओर से घेरता है। इसे प्लाज्मा झिल्ली भी कहते हैं।

यह सभी जीवित कोशिकाओं में पाई जाती है।

अध्याय नोट्स

कोशिका झिल्ली के कार्य

  • कोशिका की आंतरिक सामग्री की रक्षा करना।
  • कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग रखना।
  • पदार्थों के कोशिका में प्रवेश और बाहर निकलने को नियंत्रित करना।
  • कोशिका को आसपास की कोशिकाओं तथा वातावरण से संचार करने में सहायता देना।
  • कोशिका की विशिष्ट पहचान बनाए रखना।

अध्याय नोट्स

वरणात्मक पारगम्यता

कोशिका झिल्ली वरणात्मक रूप से पारगम्य होती है। इसका अर्थ है कि यह—

  • कुछ पदार्थों को अपने आर-पार जाने देती है।
  • कुछ पदार्थों को रोक देती है।

उदाहरण के लिए ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड कोशिका झिल्ली के आर-पार जा सकती हैं।

अध्याय नोट्स

क्रियाकलाप 2.2 — आलू के टुकड़ों पर विलयन का प्रभाव

दो समान आलू के टुकड़े लिए जाते हैं—

  • एक टुकड़ा साधारण जल में रखा जाता है।
  • दूसरा टुकड़ा 20 प्रतिशत नमक या चीनी के घोल में रखा जाता है।

अध्याय नोट्स

अवलोकन

अध्याय नोट्स

साधारण जल में रखा आलू

  • आकार में बढ़ जाता है।
  • उसका भार बढ़ जाता है।
  • वह कठोर हो जाता है।

अध्याय नोट्स

सांद्र नमक या चीनी के घोल में रखा आलू

  • सिकुड़ जाता है।
  • उसका भार कम हो जाता है।
  • वह नरम हो जाता है।

यह परिवर्तन परासरण के कारण होता है।

अध्याय नोट्स

विसरण

कणों की उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर होने वाली शुद्ध गति को विसरण कहते हैं।

विसरण के लिए झिल्ली का होना आवश्यक नहीं है।

उदाहरण—

  • वायु में इत्र की सुगंध का फैलना।
  • जल में रंग का फैलना।
  • कोशिका में ऑक्सीजन का प्रवेश।

अध्याय नोट्स

परासरण

वरणात्मक रूप से पारगम्य झिल्ली के आर-पार जल के विसरण को परासरण कहते हैं।

जल सामान्यतः ऐसे क्षेत्र से गति करता है जहाँ—

  • जल की सांद्रता अधिक हो और विलेय की सांद्रता कम हो,

उस क्षेत्र की ओर जहाँ—

  • जल की सांद्रता कम हो और विलेय की सांद्रता अधिक हो।

पौधों की जड़ों द्वारा मिट्टी से जल का अवशोषण परासरण द्वारा होता है।

अध्याय नोट्स

अलग-अलग विलयनों का कोशिका पर प्रभाव

विलयनबाहरी विलेय सांद्रताकोशिका पर प्रभाव
समपरासारी विलयनबाहर और अंदर की सांद्रता समानकोशिका के आकार में विशेष परिवर्तन नहीं
अल्पपरासारी विलयनबाहर विलेय की सांद्रता कमजल कोशिका में प्रवेश करता है ; कोशिका फूलती है
अतिपरासारी विलयनबाहर विलेय की सांद्रता अधिकजल कोशिका से बाहर निकलता है ; कोशिका सिकुड़ती है

अध्याय नोट्स

पशु कोशिका पर प्रभाव

  • अल्पपरासारी विलयन में पशु कोशिका अधिक फूल सकती है और फट भी सकती है।
  • अतिपरासारी विलयन में वह सिकुड़ जाती है।
  • समपरासारी विलयन में उसका आकार लगभग समान रहता है।

अध्याय नोट्स

कोशिका झिल्ली की संरचना — तरल मोजेक मॉडल

कोशिका झिल्ली लगभग 7 से 10 नैनोमीटर मोटी होती है। यह मुख्यतः—

  • लिपिड
अध्याय 2 का चित्र 6
  • प्रोटीन

से बनी होती है।

अध्याय नोट्स

तरल मोजेक मॉडल की विशेषताएँ

  • झिल्ली में लिपिड की द्विपरत होती है।
  • जल-आकर्षी शीर्ष बाहर की ओर होते हैं।
  • जल-प्रतिकर्षी पूँछें भीतर की ओर होती हैं।
  • लिपिड परत में विभिन्न प्रोटीन उपस्थित होते हैं।
  • झिल्ली के अणु गति कर सकते हैं, इसलिए झिल्ली तरल होती है।
  • प्रोटीन द्वारपाल की तरह पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करते हैं।
  • विभिन्न अणु मोजेक की टाइलों जैसे व्यवस्थित होते हैं।
अध्याय 2 का चित्र 7

अध्याय नोट्स

क्रियाकलाप 2.3 — पादप और जंतु कोशिकाओं की जाँच

इस गतिविधि में—

  • प्याज या रोइओ की पत्ती की कोशिकाएँ
  • मानव गाल की कोशिकाएँ

सूक्ष्मदर्शी से देखी जाती हैं।

अध्याय नोट्स

अवलोकन

अध्याय नोट्स

प्याज की कोशिकाएँ

  • नियमित रूप से व्यवस्थित होती हैं।
  • आयताकार या डिब्बेनुमा दिखाई देती हैं।
  • इनके बाहर स्पष्ट कोशिका भित्ति होती है।

अध्याय नोट्स

गाल की कोशिकाएँ

  • अनियमित आकार की होती हैं।
  • इनमें कोशिका भित्ति नहीं होती।
  • केवल कोशिका झिल्ली होती है।

सांद्र चीनी के घोल में रखने पर—

  • पादप कोशिका की आंतरिक सामग्री सिकुड़ जाती है।
  • कोशिका झिल्ली कोशिका भित्ति से अलग होने लगती है।
  • कोशिका भित्ति के कारण कोशिका का बाहरी आकार बना रहता है।
  • गाल की कोशिकाएँ पूरी तरह सिकुड़ जाती हैं।

अध्याय नोट्स

2.2.2 कोशिका भित्ति — कोशिकाओं का बाहरी आवरण

पादप कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर एक अतिरिक्त कठोर परत होती है, जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं।

कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्युलोस नामक कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है।

अध्याय नोट्स

कोशिका भित्ति के कार्य

  • कोशिका को निश्चित आकार प्रदान करना।
  • कोशिका को संरचनात्मक दृढ़ता देना।
  • पत्तियों और फूलों को दृढ़ बनाए रखना।
  • पौधे को सीधा खड़ा रहने में सहायता देना।
  • बाहरी दबाव तथा प्रतिकूल परिस्थितियों से रक्षा करना।
  • कोशिका को अधिक जल प्रवेश करने पर फटने से बचाना।

कोशिका भित्ति पारगम्य होती है। जल और कुछ घुले हुए खनिज इसके आर-पार जा सकते हैं।

कोशिका भित्ति किनमें पाई जाती है?

  • पादप
  • कवक
  • जीवाणु

जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती।

अध्याय नोट्स

जीवद्रव्यकुंचन

सांद्र विलयन में रखने पर पादप कोशिका से जल बाहर निकलता है। इससे कोशिका झिल्ली और कोशिकाद्रव्य सिकुड़कर कोशिका भित्ति से दूर हो जाते हैं। इस घटना को जीवद्रव्यकुंचन या प्लाज्मोलाइसिस कहते हैं।

अध्याय नोट्स

कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति में अंतर

आधारकोशिका झिल्लीकोशिका भित्ति
उपस्थितिसभी कोशिकाओं मेंपादप , कवक और जीवाणु कोशिकाओं में
स्थितिकोशिका की बाहरी सीमाकोशिका झिल्ली के बाहर
प्रकृतिपतली और लचीलीकठोर और अपेक्षाकृत मोटी
पारगम्यतावरणात्मक रूप से पारगम्यसामान्यतः पारगम्य
संरचनालिपिड और प्रोटीनपादपों में मुख्यतः सेल्युलोस
मुख्य कार्यपदार्थों का आवागमन नियंत्रित करनाआकार , दृढ़ता और सुरक्षा प्रदान करना

अध्याय नोट्स

2.3 कोशिका का आंतरिक भाग — एक समन्वित कार्य प्रणाली

कोशिका के भीतर उपस्थित अर्धतरल जेली जैसे पदार्थ को कोशिकाद्रव्य कहते हैं।

कोशिकाद्रव्य में—

अध्याय 2 का चित्र 8
  • जल
  • लवण
  • प्रोटीन
  • शर्करा
  • कोशिकांग

उपस्थित होते हैं।

कोशिका के सभी कोशिकांग मिलकर एक समन्वित कार्य प्रणाली बनाते हैं। कोशिका को एक सूक्ष्म कार्यशाला की तरह समझा जा सकता है, जिसमें प्रत्येक कोशिकांग का विशेष कार्य होता है।

अध्याय नोट्स

पूर्वकेंद्रकी कोशिका

जिन कोशिकाओं में स्पष्ट, झिल्ली से घिरा केंद्रक नहीं होता, उन्हें पूर्वकेंद्रकी या प्रोकैरियोटिक कोशिका कहते हैं।

इनका आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य के एक क्षेत्र में उपस्थित होता है, जिसे केंद्रकाभ कहते हैं।

अध्याय 2 का चित्र 9

अध्याय नोट्स

विशेषताएँ

  • स्पष्ट केंद्रक अनुपस्थित।
  • केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित।
  • झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग अनुपस्थित।
  • आकार सामान्यतः 1 से 10 µm।
  • अधिकतर एककोशिकीय।
  • उदाहरण— जीवाणु।

अध्याय नोट्स

सुकेंद्रकी कोशिका

जिन कोशिकाओं में स्पष्ट तथा झिल्ली से घिरा केंद्रक पाया जाता है, उन्हें सुकेंद्रकी या यूकैरियोटिक कोशिका कहते हैं।

विशेषताएँ

अध्याय 2 का चित्र 10
  • स्पष्ट केंद्रक उपस्थित।
  • केंद्रक झिल्ली उपस्थित।
  • अनेक झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग उपस्थित।
  • आकार सामान्यतः 10 से 100 µm।
  • एककोशिकीय या बहुकोशिकीय हो सकती हैं।
  • उदाहरण— अमीबा, यीस्ट, पादप और जंतु कोशिकाएँ।

अध्याय नोट्स

पूर्वकेंद्रकी और सुकेंद्रकी कोशिकाओं में अंतर

विशेषतापूर्वकेंद्रकी कोशिकासुकेंद्रकी कोशिका
केंद्रकस्पष्ट केंद्रक नहींस्पष्ट केंद्रक उपस्थित
आनुवंशिक पदार्थकेंद्रकाभ मेंकेंद्रक के भीतर
केंद्रक झिल्लीअनुपस्थितउपस्थित
झिल्ली - आबद्ध कोशिकांगअनुपस्थितउपस्थित
सामान्य आकार1–10 µm10–100 µm
संगठनसामान्यतः एककोशिकीयएककोशिकीय या बहुकोशिकीय
उदाहरणजीवाणुपादप और जंतु

अध्याय नोट्स

कोशिकापंजर

सुकेंद्रकी कोशिकाओं में अत्यंत पतले तंतुओं का जाल होता है, जिसे कोशिकापंजर कहते हैं।

इसके कार्य—

  • कोशिका को आकार प्रदान करना।
  • कोशिका को संरचनात्मक स्थिरता देना।
  • कोशिका की गति में सहायता करना।
  • कोशिका के भीतर पदार्थों के परिवहन में सहायता करना।

अध्याय नोट्स

2.3.1 सुकेंद्रकी कोशिकाओं को कोशिकांगों की आवश्यकता क्यों होती है?

सुकेंद्रकी कोशिकाएँ अपेक्षाकृत बड़ी और जटिल होती हैं। इसलिए उनके विभिन्न कार्य अलग-अलग कोशिकांगों में बाँटे गए हैं।

कोशिकांग—

  • नए पदार्थ बनाते हैं।
  • प्रोटीन और वसा का परिवहन करते हैं।
  • ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
  • अपशिष्ट पदार्थ हटाते हैं।
  • पदार्थों का भंडारण करते हैं।
  • कोशिका विभाजन और वंशागति को नियंत्रित करते हैं।

अध्याय नोट्स

1. केंद्रक — कूटबद्ध अनुदेशों का केंद्र

केंद्रक कोशिका की गतिविधियों का नियंत्रण केंद्र है।

यह दोहरी झिल्ली से घिरा होता है, जिसे केंद्रक झिल्ली कहते हैं। इसमें छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जो केंद्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच पदार्थों का आवागमन कराते हैं।

अध्याय नोट्स

केंद्रक के भाग

  • केंद्रक झिल्ली
  • केंद्रक छिद्र
  • केंद्रिका
  • क्रोमेटिन

अध्याय नोट्स

केंद्रिका

केंद्रिका केंद्रक में उपस्थित एक सघन गोल पिंड है। इसमें राइबोसोम की उपइकाइयों का निर्माण होता है।

अध्याय नोट्स

गुणसूत्र

केंद्रक में आनुवंशिक पदार्थ धागेनुमा क्रोमेटिन के रूप में उपस्थित रहता है। कोशिका विभाजन के समय यही क्रोमेटिन संघनित होकर गुणसूत्र बनाता है।

गुणसूत्र—

  • डीएनए तथा विशेष प्रोटीन से बने होते हैं।
अध्याय 2 का चित्र 12
  • माता-पिता से संतानों तक लक्षण पहुँचाते हैं।

अध्याय नोट्स

डीएनए और जीन

डीएनए आनुवंशिक जानकारी का वाहक है।

डीएनए के वे कार्यात्मक भाग, जो किसी विशेष लक्षण या प्रोटीन की सूचना रखते हैं, जीन कहलाते हैं।

अध्याय नोट्स

विशेष तथ्य

मनुष्य की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता। इससे हीमोग्लोबिन के लिए अधिक स्थान उपलब्ध होता है। केंद्रक न होने के कारण ये कोशिकाएँ विभाजित या स्वयं की मरम्मत नहीं कर सकतीं और लगभग 120 दिन जीवित रहती हैं।

अध्याय नोट्स

2. राइबोसोम — प्रोटीन की फैक्टरी

राइबोसोम अत्यंत छोटी संरचनाएँ हैं।

ये—

  • कोशिकाद्रव्य में स्वतंत्र रूप से पाए जा सकते हैं।
  • रुक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका की सतह पर जुड़े हो सकते हैं।

अध्याय नोट्स

मुख्य कार्य

राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थान है।

राइबोसोम झिल्ली से घिरे नहीं होते तथा पूर्वकेंद्रकी और सुकेंद्रकी दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।

अध्याय नोट्स

3. अंतर्द्रव्यी जालिका — निर्माणशाला

अंतर्द्रव्यी जालिका कोशिकाद्रव्य में फैली झिल्लीनुमा नलिकाओं और थैलियों का एक जाल है। यह केंद्रक की बाहरी झिल्ली से जुड़ी होती है।

इसके कार्य—

  • प्रोटीन का निर्माण और परिवहन।
  • वसा का निर्माण।
  • कुछ हार्मोनों का निर्माण।
  • कोशिका के विभिन्न भागों के बीच पदार्थों का परिवहन।

यह दो प्रकार की होती है।

अध्याय नोट्स

रुक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका — RER

इसकी सतह पर राइबोसोम लगे होते हैं, इसलिए यह खुरदुरी दिखाई देती है।

अध्याय नोट्स

कार्य

  • प्रोटीन संश्लेषण।
अध्याय 2 का चित्र 15
  • प्रोटीन का परिवहन।
  • स्रावी प्रोटीनों का निर्माण।

यह प्रोटीन स्राव करने वाली कोशिकाओं में अधिक विकसित होती है।

अध्याय नोट्स

चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका — SER

इसकी सतह पर राइबोसोम नहीं होते, इसलिए यह चिकनी दिखाई देती है।

अध्याय नोट्स

कार्य

  • लिपिड या वसा का संश्लेषण।
  • कुछ हार्मोनों का निर्माण।
  • वसा का भंडारण।
  • कुछ हानिकारक रसायनों के विषहरण में सहायता।

अध्याय नोट्स

RER और SER में अंतर

आधारRERSER
सतहराइबोसोम उपस्थितराइबोसोम अनुपस्थित
रूपखुरदुरीचिकनी
मुख्य कार्यप्रोटीन संश्लेषणलिपिड और हार्मोन संश्लेषण
अधिकताप्रोटीन स्रावी कोशिकाओं मेंवसा या हार्मोन बनाने वाली कोशिकाओं में

अध्याय नोट्स

4. गॉल्जी उपकरण — पैकेजिंग और शिपिंग केंद्र

गॉल्जी उपकरण चपटी झिल्लीनुमा थैलियों के ढेर से बना होता है।

यह कोशिका के डाकघर या पैकेजिंग केंद्र की तरह कार्य करता है।

अध्याय नोट्स

गॉल्जी उपकरण के कार्य

  • अंतर्द्रव्यी जालिका से आए प्रोटीन और लिपिड प्राप्त करना।
  • उनमें आवश्यक परिवर्तन करना।
  • पदार्थों का वर्गीकरण करना।
  • उन्हें पुटिकाओं में पैक करना।
  • पदार्थों को कोशिका के विभिन्न भागों तक पहुँचाना।
  • स्रावी पदार्थों को कोशिका से बाहर भेजना।
  • लाइसोसोम बनाने में सहायता करना।

गॉल्जी उपकरण की खोज वैज्ञानिक कैमिलो गॉल्जी ने की थी।

अध्याय नोट्स

5. लाइसोसोम — निर्मलन प्रणाली

लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरे छोटे थैले होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम पाए जाते हैं।

अध्याय नोट्स

कार्य

  • अपशिष्ट पदार्थों का विघटन।
  • क्षतिग्रस्त और पुराने कोशिकांगों को नष्ट करना।
  • बाहरी हानिकारक पदार्थों का पाचन।
  • उपयोगी पदार्थों का पुनर्चक्रण।
  • कोशिका को साफ और स्वस्थ रखना।

इसी कारण लाइसोसोम को कोशिका की सफाई व्यवस्था कहा जाता है।

अध्याय नोट्स

6. माइटोकॉन्ड्रिया — कोशिका का ऊर्जा केंद्र

माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावरहाउस या ऊर्जा केंद्र कहते हैं।

इसमें कोशिकीय श्वसन द्वारा भोजन का विघटन होता है और ऊर्जा मुक्त होती है।

अध्याय नोट्स

माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना

यह दो झिल्लियों से घिरा होता है—

अध्याय 2 का चित्र 16
  • बाहरी झिल्ली चिकनी होती है।
  • भीतरी झिल्ली में अनेक मोड़ होते हैं।

भीतरी झिल्ली के मोड़ों को अंतःकटक या क्रिस्टी कहते हैं। ये रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए अधिक सतह क्षेत्र प्रदान करते हैं।

अध्याय नोट्स

मुख्य कार्य

  • ग्लूकोस का विघटन।
  • कोशिकीय श्वसन।
  • ATP का निर्माण।

ATP को कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहा जाता है।

माइटोकॉन्ड्रिया में अपना—

  • डीएनए
  • राइबोसोम

भी पाया जाता है। इसलिए यह अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकता है।

अध्याय नोट्स

7. लवक — पादप कोशिकाओं के विशेष कोशिकांग

लवक मुख्यतः पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये दोहरी झिल्ली से घिरे होते हैं और इनमें अपना डीएनए तथा राइबोसोम होता है।

लवक तीन प्रकार के होते हैं—

  • हरितलवक
  • वर्णीलवक
  • अवर्णीलवक

अध्याय नोट्स

हरितलवक

हरितलवक में हरा वर्णक पर्णहरित या क्लोरोफिल पाया जाता है।

अध्याय 2 का चित्र 17

अध्याय नोट्स

कार्य

  • सूर्य के प्रकाश का अवशोषण।
  • प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण।
  • प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलना।

हरितलवक के भीतर अर्धतरल पदार्थ को पीठिका या स्ट्रोमा कहते हैं। इसमें चक्रिकानुमा झिल्लियाँ होती हैं, जिनमें क्लोरोफिल उपस्थित होता है।

फूल, फल और सब्जियाँ अलग-अलग रंग कैसे प्राप्त करते हैं?

फूलों, फलों और कुछ सब्जियों में उपस्थित रंगीन लवक को वर्णीलवक कहते हैं।

इनमें पीले, नारंगी और लाल वर्णक हो सकते हैं।

अध्याय नोट्स

वर्णीलवक के लाभ

  • फूलों को आकर्षक बनाते हैं।
  • परागणकारियों को आकर्षित करते हैं।
  • फल खाने वाले जंतुओं को आकर्षित करते हैं।
  • बीजों के प्रकीर्णन में सहायता करते हैं।

अध्याय नोट्स

अवर्णीलवक

अवर्णीलवक रंगहीन लवक होते हैं। इनमें वर्णक नहीं पाया जाता।

अध्याय नोट्स

कार्य

खाद्य पदार्थों का भंडारण—

  • स्टार्च
  • तेल
  • प्रोटीन

उदाहरण— आलू तथा अरबी की कोशिकाओं में स्टार्च संचित करने वाले अवर्णीलवक पाए जाते हैं।

अध्याय नोट्स

लवकों की तुलना

लवकवर्णकमुख्य कार्य
हरितलवकक्लोरोफिलप्रकाश - संश्लेषण
वर्णीलवकपीला , नारंगी या लाल वर्णकफूलों और फलों को रंग देना
अवर्णीलवकवर्णक अनुपस्थितभोजन का भंडारण

अध्याय नोट्स

8. रसधानी — भंडारण और अवलंब

रसधानी एक झिल्ली से घिरी थैली होती है। इसमें उपस्थित तरल को कोशिका-रस कहते हैं।

अध्याय नोट्स

पादप कोशिका में रसधानी

परिपक्व पादप कोशिका में सामान्यतः एक बड़ी केंद्रीय रसधानी होती है।

इसमें संचित रहते हैं—

  • जल
  • खनिज
  • शर्करा
  • रंगीन पदार्थ
  • अपशिष्ट पदार्थ

अध्याय नोट्स

मुख्य कार्य

  • पदार्थों का भंडारण।
  • कोशिका के भीतर दबाव बनाए रखना।
  • कोशिका को दृढ़ता देना।
  • पौधे को सीधा रखने में सहायता करना।

जल की कमी होने पर रसधानी से जल कम हो जाता है। कोशिकाओं की दृढ़ता घटती है और पौधा मुरझा जाता है।

अध्याय नोट्स

जंतु कोशिका में रसधानी

जंतु कोशिकाओं में रसधानियाँ—

  • छोटी होती हैं।
  • संख्या में एक से अधिक हो सकती हैं।
  • पदार्थों के अस्थायी भंडारण में सहायता करती हैं।

अध्याय नोट्स

प्रमुख कोशिकांग और उनके कार्य

कोशिकांगमुख्य कार्य
केंद्रककोशिका की गतिविधियों का नियंत्रण
राइबोसोमप्रोटीन संश्लेषण
RERप्रोटीन का निर्माण और परिवहन
SERलिपिड और हार्मोन निर्माण
गॉल्जी उपकरणपरिवर्तन , वर्गीकरण और पैकेजिंग
लाइसोसोमअपशिष्ट और क्षतिग्रस्त भागों का विघटन
माइटोकॉन्ड्रियाATP तथा ऊर्जा उत्पादन
हरितलवकप्रकाश - संश्लेषण
वर्णीलवकफूलों और फलों को रंग देना
अवर्णीलवकभोजन का भंडारण
रसधानीजल , खनिज और अपशिष्ट का भंडारण
कोशिकापंजरआकार , गति और आंतरिक परिवहन

अध्याय नोट्स

पादप और जंतु कोशिका में अंतर

आधारपादप कोशिकाजंतु कोशिका
कोशिका भित्तिउपस्थितअनुपस्थित
कोशिका झिल्लीउपस्थितउपस्थित
लवकउपस्थितअनुपस्थित
रसधानीएक बड़ी केंद्रीय रसधानीछोटी या अस्थायी रसधानियाँ
आकारसामान्यतः निश्चित और आयताकारअनियमित या गोल
केंद्रक की स्थितिबड़ी रसधानी के कारण किनारे पर हो सकता हैसामान्यतः मध्य के पास
दृढ़ताकोशिका भित्ति और रसधानी सेअपेक्षाकृत लचीली

अध्याय नोट्स

2.4 सामान्य कोशिकाएँ किस प्रकार वृद्धि और विभाजन करती हैं?

शरीर की वृद्धि केवल कोशिकाओं के आकार बढ़ने से नहीं होती। कोशिकाएँ एक निश्चित सीमा तक ही बड़ी होती हैं। इसके बाद वे विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती हैं।

कोशिका विभाजन से—

  • शरीर की वृद्धि होती है।
  • पुराने और मृत कोशिकाओं का प्रतिस्थापन होता है।
  • घाव भरते हैं।
  • ऊतकों की मरम्मत होती है।
  • जनन संभव होता है।
अध्याय 2 का चित्र 18

अध्याय नोट्स

क्रियाकलाप 2.5 — प्याज की जड़ के अग्रभाग का अध्ययन

प्याज के कंद को जल से भरे जार पर रखने से नई जड़ें निकलती हैं। जड़ के अग्रभाग की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती हैं।

जड़ के अग्रभाग की स्लाइड को सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कोशिकाएँ विभिन्न अवस्थाओं में दिखाई देती हैं, क्योंकि वे कोशिका विभाजन के अलग-अलग चरणों में होती हैं।

अध्याय 2 का चित्र 19

अध्याय नोट्स

2.4.1 कोशिका विभाजन

पूर्व विद्यमान कोशिका से नई कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया को कोशिका विभाजन कहते हैं।

कोशिका विभाजन के दो प्रमुख प्रकार हैं—

  • समसूत्री विभाजन
  • अर्धसूत्री विभाजन

अध्याय नोट्स

समसूत्री विभाजन

समसूत्री विभाजन में एक जनक कोशिका से दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।

दोनों संतति कोशिकाएँ—

अध्याय 2 का चित्र 20
  • आनुवंशिक रूप से जनक कोशिका के समान होती हैं।
  • उनमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान होती है।
  • उनमें समान डीएनए होता है।

अध्याय नोट्स

समसूत्री विभाजन का महत्त्व

  • शरीर की वृद्धि।
  • घाव भरना।
  • ऊतकों की मरम्मत।
  • पुरानी कोशिकाओं का प्रतिस्थापन।
  • एककोशिकीय जीवों में अलैंगिक जनन।

मनुष्य का जीवन एक निषेचित अंडाणु से प्रारंभ होता है। यही एक कोशिका बार-बार समसूत्री विभाजन करके शरीर की खरबों कोशिकाएँ बनाती है।

अध्याय नोट्स

अर्धसूत्री विभाजन

अर्धसूत्री विभाजन जनन अंगों की कोशिकाओं में होता है और इससे युग्मक बनते हैं।

उदाहरण—

  • नर में शुक्राणु
अध्याय 2 का चित्र 21
  • मादा में अंडाणु
  • पौधों में परागकण और अंड कोशिकाएँ

अध्याय नोट्स

मुख्य विशेषताएँ

  • जनक कोशिका दो बार विभाजित होती है।
  • चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं।
  • प्रत्येक संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है।
  • संतति कोशिकाएँ आनुवंशिक रूप से एक-दूसरे से भिन्न होती हैं।
  • यह आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है।

निषेचन के समय नर और मादा युग्मकों के मिलने से गुणसूत्रों की मूल संख्या पुनः स्थापित हो जाती है।

अध्याय नोट्स

समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में अंतर

आधारसमसूत्री विभाजनअर्धसूत्री विभाजन
विभाजनों की संख्याएकदो
संतति कोशिकाएँदोचार
गुणसूत्र संख्याजनक के समानजनक की आधी
आनुवंशिक समानतासंतति कोशिकाएँ समानसंतति कोशिकाएँ भिन्न
स्थानशरीर की सामान्य कोशिकाएँजनन अंगों की कोशिकाएँ
कार्यवृद्धि और मरम्मतयुग्मक निर्माण
जनन में भूमिकाअलैंगिक जननलैंगिक जनन
विविधतासामान्यतः उत्पन्न नहीं होतीआनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है

अध्याय नोट्स

कोशिका संवर्धन

विशेष परिस्थितियों में कोशिकाओं को शरीर से बाहर पोषक माध्यम में विकसित किया जा सकता है। इसे कोशिका या ऊतक संवर्धन कहते हैं।

आवश्यक परिस्थितियाँ—

  • उपयुक्त पोषक माध्यम
  • उचित तापमान
  • उचित नमी
  • उपयुक्त अम्लीय या क्षारीय अवस्था
  • निर्जीवाणुकृत वातावरण

इसका उपयोग—

  • कोशिकाओं का अध्ययन
  • औषधि निर्माण
  • टीका निर्माण
  • जैव-रसायन उत्पादन
  • पादपों की नई प्रतियाँ बनाने

में किया जाता है।

अध्याय नोट्स

कोशिका विभाजन में त्रुटियों के प्रभाव

अध्याय नोट्स

समसूत्री विभाजन में त्रुटि

  • अनियंत्रित कोशिका विभाजन हो सकता है।
  • अर्बुद या ट्यूमर बन सकता है।
  • गुणसूत्रों की संख्या असामान्य हो सकती है।

अध्याय नोट्स

अर्धसूत्री विभाजन में त्रुटि

  • असामान्य युग्मक बन सकते हैं।
  • आनुवंशिक विकार हो सकते हैं।
  • विकास संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
  • प्रजनन क्षमता कम हो सकती है।
  • गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में गर्भपात की संभावना बढ़ सकती है।

अध्याय नोट्स

2.5 कोशिका सिद्धांत — जीव विज्ञान का एकीकरण सिद्धांत

कोशिका सिद्धांत के विकास में तीन वैज्ञानिकों का प्रमुख योगदान था।

अध्याय नोट्स

मैथियास श्लाइडेन

सन् 1838 में उन्होंने बताया कि—

सभी पादप कोशिकाओं से बने होते हैं।

अध्याय नोट्स

थियोडोर श्वान

सन् 1839 में उन्होंने बताया कि—

सभी जंतु कोशिकाओं से बने होते हैं।

अध्याय नोट्स

रुडोल्फ विरचो

सन् 1855 में उन्होंने बताया कि—

नई कोशिकाएँ केवल पूर्व विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।

अध्याय नोट्स

कोशिका सिद्धांत के मुख्य कथन

  • सभी सजीव एक या एक से अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • कोशिका सजीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक मूल इकाई है।
  • सभी नई कोशिकाएँ पूर्व विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।

यह सिद्धांत जीवाणु से लेकर मनुष्य तक सभी जीवों को एक समान आधार पर जोड़ता है।

अध्याय नोट्स

2.5.1 क्या कोशिकाएँ सदैव वृद्धि और जनन करती रहती हैं?

नहीं। सामान्य कोशिकाओं की एक निश्चित जीवन अवधि होती है।

सामान्य कोशिकाएँ—

  • नियंत्रित रूप से वृद्धि करती हैं।
  • आवश्यकता के अनुसार विभाजित होती हैं।
  • अपना निर्धारित कार्य करती हैं।
  • पुरानी या क्षतिग्रस्त होने पर मर जाती हैं।
  • नई कोशिकाओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाती हैं।

अध्याय नोट्स

संपर्क अवरोध

जब जंतु कोशिकाएँ आसपास की दूसरी कोशिकाओं के संपर्क में आती हैं, तो सामान्यतः उनका विभाजन रुक जाता है। इसे संपर्क अवरोध कहते हैं।

यह प्रक्रिया कोशिकाओं को आवश्यकता से अधिक विभाजित होने से रोकती है।

अध्याय नोट्स

कैंसर कोशिकाएँ

कैंसर कोशिकाएँ वृद्धि और विभाजन का नियंत्रण खो देती हैं।

वे—

  • अनियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं।
  • अर्बुद या ट्यूमर बनाती हैं।
  • आसपास के ऊतकों में प्रवेश कर सकती हैं।
  • शरीर के दूसरे भागों तक फैल सकती हैं।

ट्यूमर दो प्रकार के हो सकते हैं—

  • सौम्य — आसपास के ऊतकों में अधिक नहीं फैलते।
  • दुर्दम — कैंसरयुक्त होते हैं और अन्य भागों तक फैल सकते हैं।

अध्याय नोट्स

क्रमादेशित कोशिका मृत्यु

कोशिकाओं की आनुवंशिक रूप से नियंत्रित और व्यवस्थित मृत्यु को क्रमादेशित कोशिका मृत्यु कहते हैं।

यह आवश्यक है—

  • सामान्य विकास के लिए।
  • क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाने के लिए।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य के लिए।
  • अंगों को सही आकार देने के लिए।

उदाहरण— भ्रूण के विकास के समय उँगलियों के बीच की कोशिकाएँ नष्ट होती हैं, जिससे अलग-अलग उँगलियाँ बनती हैं।

अध्याय नोट्स

महत्त्वपूर्ण शब्दावली

शब्दअर्थ
एककोशिकीयएक कोशिका से बना जीव
बहुकोशिकीयअनेक कोशिकाओं से बना जीव
आवर्धनवस्तु को बड़ा दिखाने की क्षमता
विभेदनदो निकट संरचनाओं को अलग दिखाने की क्षमता
विसरणकणों की उच्च से निम्न सांद्रता की ओर गति
परासरणवरणात्मक झिल्ली के पार जल का विसरण
कोशिकांगकोशिका के भीतर विशेष कार्य करने वाली संरचना
केंद्रकाभपूर्वकेंद्रकी कोशिका का आनुवंशिक पदार्थ वाला क्षेत्र
गुणसूत्रडीएनए और प्रोटीन से बनी आनुवंशिक संरचना
जीनडीएनए का कार्यात्मक भाग
ATPकोशिका की ऊर्जा मुद्रा
समसूत्री विभाजनदो समान संतति कोशिकाएँ बनाने वाला विभाजन
अर्धसूत्री विभाजनचार आधे गुणसूत्र वाली कोशिकाएँ बनाने वाला विभाजन
संपर्क अवरोधसंपर्क में आने पर कोशिका विभाजन का रुकना
अर्बुदअनियंत्रित कोशिका वृद्धि से बना ऊतक समूह

अध्याय नोट्स

अध्याय का सारांश

  • कोशिका सभी सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
  • अधिकांश कोशिकाएँ नग्न आँखों से नहीं देखी जा सकतीं। इनके अध्ययन के लिए प्रकाश तथा इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी का उपयोग किया जाता है।
  • सभी कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली होती है। यह वरणात्मक रूप से पारगम्य होती है और पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
  • वरणात्मक झिल्ली के आर-पार जल की गति को परासरण कहते हैं, जबकि कणों की उच्च से निम्न सांद्रता की ओर गति विसरण कहलाती है।
  • पादप, कवक और जीवाणु कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर कोशिका भित्ति होती है। पादप कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्युलोस से बनी होती है।
  • पूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक और झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग नहीं होते। उनका आनुवंशिक पदार्थ केंद्रकाभ में उपस्थित रहता है।
  • सुकेंद्रकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक तथा अनेक झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं।
  • केंद्रक कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। इसमें गुणसूत्र, डीएनए और जीन पाए जाते हैं।
  • राइबोसोम प्रोटीन बनाते हैं। RER प्रोटीन तथा SER लिपिड और कुछ हार्मोन बनाती है।
  • गॉल्जी उपकरण पदार्थों को परिवर्तित, वर्गीकृत और पैक करता है। लाइसोसोम अपशिष्ट तथा क्षतिग्रस्त कोशिकांगों का विघटन करते हैं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP बनाता है, इसलिए इसे कोशिका का ऊर्जा केंद्र कहते हैं।
  • पादप कोशिकाओं में हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण करता है, वर्णीलवक रंग प्रदान करता है और अवर्णीलवक भोजन का भंडारण करता है।
  • पादप कोशिका की बड़ी केंद्रीय रसधानी जल, खनिज, शर्करा और अपशिष्ट का भंडारण करती है तथा कोशिका को दृढ़ता प्रदान करती है।
  • समसूत्री विभाजन से दो आनुवंशिक रूप से समान संतति कोशिकाएँ बनती हैं। यह वृद्धि, मरम्मत और अलैंगिक जनन में सहायक है।
  • अर्धसूत्री विभाजन से चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है। यह युग्मक और आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है।
  • कोशिका सिद्धांत के अनुसार सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं, कोशिका जीवन की मूल इकाई है और नई कोशिकाएँ पूर्व विद्यमान कोशिकाओं से बनती हैं।
  • सामान्य कोशिकाएँ नियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं, जबकि कैंसर कोशिकाएँ नियंत्रण खोकर लगातार विभाजित होती रहती हैं और अर्बुद बना सकती हैं।
प्रश्न-उत्तर

इसी पाठ का अलग प्रश्न-उत्तर पृष्ठ खोलें।

पृष्ठ खोलें
पूरी अध्याय सूची

अन्वेषण की पूरी अध्याय सूची पर वापस जाएँ।

अध्याय देखें

← कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पर वापस जाएँ