दिए गए अध्याय के चिंतन, गतिविधि और अभ्यास प्रश्नों के क्रमबद्ध उत्तर नीचे दिए गए हैं।
प्रश्न-उत्तर
चिंतन कीजिए
1हमें अपने वाहन को आगे चलने वाले वाहन से कितनी दूरी पर रखना चाहिए, जिससे आगे चलने वाले वाहन चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने पर भी हमारा वाहन उससे टकराने से बच सके?

हमें आगे वाले वाहन से इतनी सुरक्षित दूरी रखनी चाहिए कि प्रतिक्रिया करने और ब्रेक लगाने के बाद हमारा वाहन उसके पीछे पूरी तरह रुक सके। यह दूरी निश्चित नहीं होती; यह वाहन की चाल, ब्रेक की क्षमता, सड़क की दशा तथा चालक के प्रतिक्रिया-समय पर निर्भर करती है। इसलिए तेज चाल पर अधिक दूरी रखना आवश्यक है।
2क्या यह दूरी हमारे वाहन की चाल पर निर्भर करती है?

हाँ, सुरक्षित दूरी वाहन की चाल पर निर्भर करती है। वाहन की चाल जितनी अधिक होगी, उसे रोकने के लिए उतनी ही अधिक दूरी चाहिए। समान मंदन होने पर ब्रेक लगाने की दूरी चाल के वर्ग के समानुपाती होती है। इसलिए चाल दोगुनी होने पर ब्रेक लगाने की दूरी लगभग चार गुनी हो सकती है।
सोचिए और बताइए — पृष्ठ 51
1किसी सीधे धावन पथ पर इसके दो सिरों के बीच इधर से उधर दौड़ते हुए किसी धावक के उदाहरण (चित्र 4.4) में धावक का विस्थापन शून्य कब होगा? उस स्थिति में उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी कितनी होगी?

धावक का विस्थापन तब शून्य होगा, जब वह 100 m दूर स्थित बिंदु A तक जाकर पुनः अपने प्रारंभिक बिंदु O पर लौट आएगा। उस समय उसकी प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान होगी।
कुल दूरी=100+100=200 m
चित्र में चाल समान बनी रहने पर वह लगभग t=20 sपर O पहुँचेगा।
2किसी वाहन में उपयुक्त ईंधन का परिमाण निम्नलिखित में से किस राशि पर निर्भर करता है? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।
(i) कुल चलित दूरी(ii) विस्थापन
सही विकल्प है—(i) कुल चलित दूरी।
वाहन पूरे मार्ग पर चलते समय लगातार ईंधन खर्च करता है। इसलिए आवश्यक ईंधन वास्तविक रूप से तय की गई कुल दूरी पर निर्भर करता है, न कि विस्थापन पर। उदाहरण के लिए, वाहन किसी स्थान तक जाकर वापस आरंभिक स्थान पर लौटे तो विस्थापन शून्य होगा, लेकिन ईंधन अवश्य खर्च होगा।
3कोई गेंद एक आनत पथ पर नीचे की ओर लुढ़कती है, जैसा चित्र 4.6 में दर्शाया गया है। क्या इसकी गति सरल रेखीय गति है? यदि गेंद का प्रस्थान बिंदु O मूल बिंदु है, तो क्या O से D तक इसकी गति का चित्रण एक क्षैतिज रेखा लेकर चित्र 4.3 की तरह किया जा सकता है? क्या स्थितियों A, B, C एवं D पर गेंद द्वारा चलित कुल दूरी और बिंदु O से उसके विस्थापन के परिमाण बराबर हैं अथवा भिन्न हैं? उत्तर: हाँ, गेंद एक सीधे आनत पथ पर केवल एक दिशा में चल रही है, इसलिए इसकी गति सरल रेखीय गति है। निर्देशांक-अक्ष को पथ के अनुदिश मानकर इसकी गति को क्षैतिज रेखा पर भी दिखाया जा सकता है। दिशा न बदलने के कारण प्रत्येक स्थिति पर चलित दूरी और विस्थापन का परिमाण बराबर है।

| स्थिति | कुल चलित दूरी | विस्थापन का परिमाण |
|---|---|---|
| A | 40 cm | 40 cm |
| B | 40+10=50 cm | 50 cm |
| C | 50+20=70 cm | 70 cm |
| D | 70+30=100 cm | 100 cm |
सोचिए और बताइए — पृष्ठ 53
4सड़क मार्ग से परिवार सहित किसी यात्रा के लिए आप पहले तीन घंटे में 200 km उत्तर दिशा की ओर गाड़ी चलाते हैं। इसके पश्चात अगले दो घंटे में आप 200 km दक्षिण दिशा में गाड़ी ले जाते हैं। अपनी पूरी यात्रा के लिए अपनी माध्य चाल और माध्य वेग ज्ञात कीजिए।

कुल दूरी=200+200=400 kmकुल समय=3+2=5 घंटेमाध्य चाल=कुल दूरीकुल समय=4005=80 km/h
और दक्षिण दिशाओं में समान दूरी तय करने के कारण कुल विस्थापन शून्य है।
माध्य वेग=05=0 km/h
अतः माध्य चाल 80 km/hतथा माध्य वेग 0 km/hहै।
5किस दशा या किन दशाओं में—
(i) किसी वस्तु के माध्य वेग का परिमाण उसकी माध्य चाल के बराबर होता है?(ii) किसी वस्तु के माध्य वेग का परिमाण शून्य होता है, किंतु उसकी माध्य चाल शून्य नहीं होती है?
(i) जब कोई वस्तु सरल रेखा में केवल एक ही दिशा में चलती है और अपनी दिशा नहीं बदलती, तब कुल दूरी विस्थापन के परिमाण के बराबर होती है। इसलिए माध्य चाल और माध्य वेग का परिमाण बराबर होता है।
(ii) जब वस्तु चलने के बाद पुनः अपनी प्रारंभिक स्थिति पर लौट आती है, तब उसका विस्थापन शून्य होता है, परंतु तय दूरी शून्य नहीं होती। इसलिए माध्य वेग शून्य, जबकि माध्य चाल शून्य नहीं होती।
अभ्यास प्रश्नों के उत्तर
1मेरे पिताजी एक सीधी सड़क पर चलकर एक दुकान पर गए जिसकी घर से दूरी 250 m है। वहाँ पहुँचकर उन्होंने पाया कि वह कपड़े का थैला लाना भूल गए हैं। वह घर वापस लौटे, थैला लेकर दुकान पर आए, सामान खरीदा और लौटकर घर आ गए। बताइए कि उन्होंने कुल कितनी दूरी तय की? उनके घर से विस्थापन का मान कितना हुआ?
उन्होंने घर और दुकान के बीच की दूरी चार बार तय की।
कुल दूरी=4×250=1000 m
अंत में वह पुनः घर लौट आए। अतः प्रारंभिक और अंतिम स्थितियाँ समान हैं।
कुल दूरी=1000 mविस्थापन=0 m
2कोई विद्यार्थी एक पुस्तक लेने के लिए विद्यालय भवन के भूतल से चतुर्थ तल तक दौड़ते हुए जाता है और फिर उतरकर द्वितीय तल स्थित अपने कक्षा-कक्ष में लौटता है। यदि प्रत्येक तल की ऊँचाई 3 m है, तो ज्ञात कीजिए—
(i) उसके द्वारा चलित ऊर्ध्वाधर दूरी तथा(ii) आरंभिक बिंदु से उसके ऊर्ध्वाधर विस्थापन का परिमाण।
भूतल से चतुर्थ तल तक चली दूरी:

4×3=12 m
चतुर्थ तल से द्वितीय तल तक चली दूरी:
2×3=6 mकुल ऊर्ध्वाधर दूरी=12+6=18 m
द्वितीय तल भूतल से 2×3=6 mऊपर है।
ऊर्ध्वाधर दूरी=18 mविस्थापन का परिमाण=6 m
विस्थापन की दिशा ऊपर की ओर है।
3एक लड़की अपना स्कूटर चला रही है और पाती है कि इसके गतिमापी यंत्र का पाठ्यांक स्थिर है। क्या यह संभव है कि उसका स्कूटर त्वरणशील हो? यदि ऐसा है तो कैसे?

हाँ, यह संभव है। गतिमापी केवल स्कूटर की चाल बताता है। यदि लड़की स्थिर चाल से किसी घुमावदार या वृत्ताकार मार्ग पर चल रही है, तो स्कूटर की गति की दिशा लगातार बदलती रहेगी। दिशा बदलने से वेग बदलता है और स्कूटर त्वरणशील होता है, भले ही उसकी चाल स्थिर हो।
4एक कार विरामावस्था से चलना आरंभ करती है और 6 s में इसका वेग 24 m s-1हो जाता है। इन 6 s में इसका त्वरण और इसके द्वारा चलित दूरी ज्ञात कीजिए।
एकसमान त्वरण मानते हुए,
u=0, v=24 m s-1, t=6 sa=v-ut=24-06=4 m s-2s=ut+12at2=0+12462=72 mत्वरण=4 m s-2चलित दूरी=72 m
5आरंभिक वेग 28 m s-1एवं नियत त्वरण से गतिमान कोई मोटरसाइकिल 98 m चलकर रुक जाती है। मोटरसाइकिल का त्वरण तथा इसे विरामावस्था में आने में लगे समय का मान ज्ञात कीजिए।
u=28 m s-1, v=0, s=98 m
सूत्र:
v2=u2+2as0=282+2a98a=-784196=-4 m s-2
अब,
v=u+at0=28-4tt=7 sत्वरण=-4 m s-2रुकने में लगा समय=7 s
ऋणात्मक त्वरण बताता है कि मोटरसाइकिल का वेग कम हो रहा है।
6चित्र 4.27 दो ऐसी वस्तुओं A एवं B का स्थिति–समय ग्राफ दर्शाता है, जो समानांतर सरल रेखीय पथों पर एक ही दिशा में गतिमान हैं। क्या वस्तुओं A एवं B का वेग कभी बराबर होगा? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।

नहीं, दोनों वस्तुओं के वेग कभी बराबर नहीं होंगे। स्थिति–समय ग्राफ की प्रवणता वस्तु का वेग दर्शाती है। A और B की रेखाओं की प्रवणताएँ अलग-अलग हैं तथा A की प्रवणता अधिक है। 5 sपर रेखाओं का प्रतिच्छेद केवल दोनों वस्तुओं की समान स्थिति दर्शाता है, समान वेग नहीं।
7चित्र 4.28 में दिया गया ग्राफ सरल रेखा में गतिमान दो वस्तुओं A एवं B के लिए 0–10 सेकंड के बीच उनकी स्थितियों में समय के साथ होने वाले परिवर्तन को दर्शाता है। सही विकल्प या विकल्पों का चयन कीजिए—

(i) 10 s समय अंतराल में दोनों का माध्य वेग बराबर है क्योंकि उनकी आरंभिक और अंतिम स्थितियाँ समान हैं।(ii) 10 s समय अंतराल में दोनों की माध्य चाल बराबर है क्योंकि ये दोनों समान समय में समान दूरियाँ चलते हैं।(iii) 10 s समय अंतराल में A की माध्य चाल B की माध्य चाल से कम है क्योंकि 10 s में इसके द्वारा चलित दूरी B द्वारा चलित दूरी से कम है।(iv) 10 s समय अंतराल में A की माध्य चाल B की माध्य चाल से अधिक है क्योंकि कुछ काल-खंडों में B की चाल A की चाल से कम है।
सही विकल्प हैं—(i) और (ii)
दोनों वस्तुओं की आरंभिक और अंतिम स्थितियाँ समान हैं। इसलिए उनके विस्थापन और माध्य वेग बराबर हैं। दोनों की स्थिति लगातार बढ़ती है और कोई भी दिशा नहीं बदलती। अतः दोनों समान दूरी को समान समय में तय करती हैं और उनकी माध्य चाल भी बराबर है।
854 km h-1की चाल से ट्रक चलाता हुआ एक ट्रक चालक सड़क के किनारे लगा यातायात निर्देश-पट देखता है, जिसमें ट्रकों के लिए गतिसीमा 40 km h-1सूचित की गई है। वह 36 s में अपनी चाल घटाकर 36 km h-1कर लेता है। इस समयावधि में उसके द्वारा चलित दूरी कितनी थी? चाल घटाने की अवधि में त्वरण अचर मानिए।

u=54 km h-1=15 m s-1v=36 km h-1=10 m s-1
अचर त्वरण में माध्य वेग:
vमाध्य=u+v2=15+102=12.5 m s-1s=vमाध्यt=12.5×36=450 mट्रक द्वारा चलित दूरी=450 m
9एक कार विरामावस्था से गति आरंभ करती है और एकसमान त्वरण से 5 s में 20 m s-1का वेग प्राप्त कर लेती है। इसके पश्चात 10 s तक यह 20 m s-1के वेग से चलती है और अंततः ब्रेक लगाकर एकसमान त्वरण से 6 s में रुक जाती है। इसके द्वारा चलित कुल दूरी ज्ञात कीजिए।
पहले 5 s में चली दूरी:
s1=0+202×5=50 m
अगले 10 s में चली दूरी:
s2=20×10=200 m
अंतिम 6 s में चली दूरी:
s3=20+02×6=60 msकुल=50+200+60=310 mकुल दूरी=310 m
10एक बस 36 km h-1के वेग से गतिमान है, तभी चालक को 30 m आगे एक अवरोध दिखाई पड़ता है। ब्रेक लगाने की प्रतिक्रिया में उसे 0.5 s का समय लगता है। ब्रेक लगाने के पश्चात बस का वेग 2.5 m s-2के नियत त्वरण से कम होता है। क्या यह बस अवरोध तक पहुँचने से पहले रुकेगी?
u=36 km h-1=10 m s-1
प्रतिक्रिया-समय में चली दूरी:
s1=ut=10×0.5=5 m
ब्रेक लगाने के बाद a=-2.5 m s-2तथा v=0:
v2=u2+2as0=102+2-2.5s2s2=20 mकुल रुकने की दूरी=5+20=25 m
अवरोध 30 m दूर है। अतः बस अवरोध से
30-25=5 m
पहले रुक जाएगी।
हाँ, बस अवरोध से 5 m पहले रुकेगी।
11किसी विद्यार्थी ने कहा, “पृथ्वी सूर्य के चारों ओर गति करती है।” इस संदर्भ में चर्चा कीजिए कि क्या पृथ्वी पर रखी किसी वस्तु को विरामावस्था में माना जा सकता है।
विराम और गति संदर्भ-बिंदु पर निर्भर करते हैं। पृथ्वी पर रखी वस्तु को पृथ्वी तथा आसपास की वस्तुओं के सापेक्ष विरामावस्था में माना जा सकता है। परंतु सूर्य के सापेक्ष वह पृथ्वी के घूर्णन और परिक्रमण के साथ गतिमान है। इसलिए किसी वस्तु को केवल चुने गए संदर्भ-बिंदु के सापेक्ष ही विरामावस्था में माना जाता है।
12किसी साइकिल चालक के लिए 0 s से 120 s के बीच वेग–समय ग्राफ चित्र 4.30 में दर्शाया गया है। उन क्षेत्रफलों को छायांकित कीजिए, जो इसका विस्थापन निरूपित करते हैं, जब—

(i) साइकिल चालक नियत वेग से चल रहा है।(ii) साइकिल चालक का वेग कम हो रहा है।0–120 s समय अंतराल में विस्थापन एवं माध्य त्वरण का परिकलन भी कीजिए।
- नियत वेग वाला भाग: 20 sसे 100 sतक ग्राफ के नीचे बने आयत को छायांकित करें।
- वेग कम होने वाला भाग: 100 sसे 120 sतक घटती रेखा के नीचे बने समलंब को दूसरे रंग में छायांकित करें।
वेग–समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
s1=12×20×3=30 ms2=100-20×3=240 ms3=123+2×20=50 mकुल विस्थापन=30+240+50=320 maमाध्य=v-ut=2-0120=160≈0.0167 m s-2कुल विस्थापन=320 mमाध्य त्वरण=0.0167 m s-2
13एक लड़की किसी सीधी सड़क पर दौड़कर अपनी पहली मैराथन दौड़ प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। विभिन्न समयावधियों में अपनी धावन-चाल के परिकलन के लिए वह एक स्मार्ट वॉच का उपयोग करती है। चित्र 4.31 में दर्शाया गया वेग–समय ग्राफ विभिन्न क्षणों पर उसके वेग के मान को चित्रित करता है। ग्राफ के आधार पर उसके द्वारा दौड़ी गई दूरी का आकलन कीजिए।

ग्राफ की जाली से पढ़े गए समय–वेग बिंदु हैं:
07, 0.67, 1.67.5, 37.5,4.67, 5.66.5, 6.66.5
दौड़ी गई दूरी वेग–समय ग्राफ के नीचे का कुल क्षेत्रफल है।
s=&0.67+7+7.521+1.47.5&+7.5+721.6+7+6.521+16.5s=4.2+7.25+10.5+11.6+6.75+6.5s=46.8 km≈47 km
इकाई संबंधी टिप्पणी: समय-अक्ष घंटे में है, इसलिए गणना में वेग की संगत इकाई km h-1ली गई है। चित्र में दिखाई देने वाली km s-1इकाई मुद्रण-त्रुटि प्रतीत होती है।
14किसी राज्य-राजमार्ग पर प्रवेश करने के पश्चात एक कार 2 मिनट तक 6 m s-1के नियत वेग से चलती है और फिर 6 सेकंड तक 1 m s-2के नियत त्वरण से त्वरित होती है। इस कार की गति के लिए वेग–समय ग्राफ बनाकर 2 मिनट 6 सेकंड की अवधि में कार का विस्थापन ज्ञात कीजिए।
दो मिनट =120 s। अगले 6 s के बाद कार का वेग:
v=u+at=6+16=12 m s-1
ग्राफ के लिए 06, 1206और 12612बिंदु अंकित करें। पहले दो बिंदुओं को क्षैतिज रेखा तथा दूसरे और तीसरे बिंदु को ऊपर जाती सीधी रेखा से मिलाएँ।
पहले 120 s में विस्थापन:
s1=6×120=720 m
अगले 6 s में विस्थापन:
s2=6+122×6=54 msकुल=720+54=774 mकुल विस्थापन=774 m
15दो कारें A एवं B सरल रेखा में नियत त्वरण से विरामावस्था से गति आरंभ करती हैं। कार A, 5 s में 5 m s-1वेग प्राप्त करती है, जबकि कार B, 10 s में 3 m s-1वेग प्राप्त करती है। एक ही ग्राफ पेपर पर दोनों कारों के वेग–समय ग्राफ आलेखित कीजिए। इस ग्राफ का उपयोग करके दी गई दोनों समयावधियों में विस्थापन के मान परिकलित कीजिए।
कार A के लिए:

aA=5-05=1 m s-2
मूल बिंदु सहित ग्राफ के बिंदु:
| समय (s) | 0 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| वेग ( m s -1 ) | 0 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
ग्राफ के नीचे त्रिभुज का क्षेत्रफल:

sA=12×5×5=12.5 m
कार B के लिए:
aB=3-010=0.3 m s-2
मूल बिंदु सहित ग्राफ के बिंदु:
| समय (s) | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| वेग ( m s -1 ) | 0 | 0.6 | 1.2 | 1.8 | 2.4 | 3.0 |
sB=12×10×3=15 m
दोनों ग्राफ मूल बिंदु से आरंभ होने वाली सीधी रेखाएँ होंगे। कार A के ग्राफ की प्रवणता अधिक होगी।
16रोहन घर पर शाम के 6 बजे से 7:30 बजे तक विज्ञान का अध्ययन करता है। उसकी दीवार घड़ी की मिनट की सुई की लंबाई 7 cm है। परिकलन कीजिए, दी गई समयावधि में इस सुई के सिरे— (i) द्वारा चलित दूरी(ii) का विस्थापन(iii) की चाल तथा(iv) का वेग।

कुल समय:
90 मिनट=5400 s
इस अवधि में मिनट की सुई 1.5चक्कर लगाती है।
(i) सिरे द्वारा चलित दूरी
d=1.52πrd=1.5×2×227×7=66 cm
(ii) सिरे का विस्थापन
6 बजे सुई का सिरा 12 पर और 7:30 बजे 6 पर होगा। ये व्यास के विपरीत सिरे हैं।
विस्थापन=2r=2×7=14 cm
इसकी दिशा 12 से 6 की ओर अर्थात नीचे की ओर होगी।
(iii) दी गई अवधि में माध्य चाल
माध्य चाल=6690=0.733 cm min-1=1.22×10-4 m s-1
(iv) दी गई अवधि में माध्य वेग
माध्य वेग=1490=0.156 cm min-1=2.59×10-5 m s-1
माध्य वेग की दिशा ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर होगी।
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