कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 5 के सभी गतिविधि-आधारित और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर, तालिकाएँ, वर्गीकरण, प्रयोग, परियोजनाएँ और शैक्षिक चित्र पढ़िए।
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प्रश्न: सभी विद्यार्थी कुछ परिवर्तनों का वर्णन कर रहे हैं। वे किस प्रकार के परिवर्तनों के विषय में वार्तालाप कर रहे हैं?
उत्तर: विद्यार्थी अपने आस-पास होने वाले भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों के विषय में वार्तालाप कर रहे हैं।
बर्फ का जल बनना और ठंडे जल का सामान्य तापमान पर आना भौतिक परिवर्तन हैं, क्योंकि इनमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता। गुलाब की कली का फूल बनना और केले का सड़ना रासायनिक परिवर्तन हैं, क्योंकि इनमें पदार्थों के गुणों में बदलाव होता है और नए पदार्थ बन सकते हैं।
पृष्ठ 58 — क्रियाकलाप 5.1
तालिका 5.1 — आस-पास हो रहे परिवर्तनों का अवलोकन
| क्र.सं. | परिवर्तन | अवलोकन |
|---|---|---|
| 1. | बर्फ का पिघलना | बर्फ ठोस अवस्था से जल में बदल जाती है। |
| 2. | सब्जियों का कटना | सब्जियों का आकार बदल जाता है। |
| 3. | जल का उबलना | जल वाष्प में बदलने लगता है। |
| 4. | मक्का से पॉपकॉर्न बनना | मक्के के दाने फूलकर पॉपकॉर्न बन जाते हैं। |
| 5. | कागज का टुकड़ों में कटना | कागज छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाता है। |
| 6. | चुकंदर के रस का जल में मिलना | जल का रंग लाल/गुलाबी हो जाता है। |
| 7. | लकड़ी का जलना | राख, धुआँ, ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न होते हैं। |
| 8. | गीले वस्त्रों का सूखना | वस्त्रों का जल वाष्प बनकर उड़ जाता है। |
| 9. | गूँधे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयाँ बनना | आटे का आकार बदल जाता है। |
| 10. | आटे की लोइयों से रोटियाँ बेलना | लोइयाँ चपटी रोटी के आकार में बदल जाती हैं। |
| 11. | कोई अन्य — दूध का दही बनना | दूध दही में बदल जाता है। |
प्रश्न: क्या आप अपने आस-पास होने वाले अन्य परिवर्तनों के विषय में विचार कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, हमारे आस-पास कई परिवर्तन होते हैं, जैसे— मोमबत्ती का जलना, दूध का फटना, फल का पकना, लोहे में जंग लगना, कागज का फटना, जल का जमना, चावल का पकना, पौधे का बढ़ना और कपड़ों का सूखना।
पृष्ठ 59 — क्रियाकलाप 5.2
क. कागज से कुछ वस्तुएँ बनाना
प्रश्न: क्या कागज की बनी वस्तुओं की तहों को खोलकर आप पुनः पहले जैसा कागज प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यदि कागज को केवल मोड़ा गया है तो तहों को खोलकर उसे लगभग पहले जैसा कागज प्राप्त किया जा सकता है। यह भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि कागज का केवल आकार बदलता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
ख. गुब्बारे से खेलना
प्रश्न: क्या आपको गुब्बारा पुनः मूल स्थिति में प्राप्त होता है?
उत्तर: हाँ, यदि गुब्बारे को फुलाकर फिर हवा निकाल दी जाए तो वह लगभग अपनी मूल स्थिति में लौट आता है। यह भौतिक और उत्क्रमणीय परिवर्तन है।
प्रश्न: सूई चुभाने पर क्या होता है? क्या आप गुब्बारे को पुनः उसकी मूल स्थिति में प्राप्त कर सकेंगे?
उत्तर: सूई चुभाने पर गुब्बारा फट जाता है। फटने के बाद उसे पुनः मूल स्थिति में प्राप्त नहीं किया जा सकता। यह भौतिक लेकिन अनुत्क्रमणीय परिवर्तन है, क्योंकि नया पदार्थ नहीं बनता, पर गुब्बारा पहले जैसा नहीं हो सकता।
ग. चॉक के टुकड़े का चूरा करना
प्रश्न: क्या आप इस चूरे से पुनः चॉक प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, चॉक के चूरे से वैसी ही मूल चॉक आसानी से प्राप्त नहीं की जा सकती। यह भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि केवल चॉक का आकार बदलता है, नया पदार्थ नहीं बनता।
प्रश्न: क, ख और ग में सूचीबद्ध परिवर्तनों में क्या कोई समानता है?
उत्तर: हाँ, इन सभी परिवर्तनों में पदार्थ का केवल आकार, माप या रूप बदलता है। कोई नया पदार्थ नहीं बनता। इसलिए ये सभी भौतिक परिवर्तन के उदाहरण हैं।
पृष्ठ 60 — क्रियाकलाप 5.3
प्रश्न: क्या आप कोई परिवर्तन देखते हैं?
उत्तर: हाँ। गिलास ‘क’ में नल के जल में वायु फूँकने पर केवल बुलबुले बनते हैं, पर कोई विशेष परिवर्तन नहीं होता। गिलास ‘ख’ में चूने के पानी में वायु फूँकने पर चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
इसका कारण यह है कि हमारी साँस में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड चूने के पानी यानी कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट बनाती है। कैल्सियम कार्बोनेट सफेद अघुलनशील पदार्थ है, इसलिए चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
रासायनिक समीकरण: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल
यह रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि नया पदार्थ बनता है।
पृष्ठ 61 — क्रियाकलाप 5.4
प्रश्न: आपने क्या अवलोकन किया?
उत्तर: जब सिरके या नींबू के रस में बेकिंग सोडा मिलाया जाता है तो बुलबुले बनते हैं और बदबुदाहट जैसी ध्वनि सुनाई देती है। इससे गैस निकलती है।
प्रश्न: चूने के पानी में गैस प्रवाहित करने पर आपने क्या अवलोकन किया?
उत्तर: गैस को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
प्रश्न: सिरका और बेकिंग सोडा मिश्रित करने पर निर्मित गैस के विषय में आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर: निर्मित गैस कार्बन डाइऑक्साइड है, क्योंकि यह चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
प्रश्न: बेकिंग सोडा तथा जल के साथ यह क्रियाकलाप दोहराने पर क्या गैस के बुलबुले बनते हैं? क्या यह भौतिक परिवर्तन है या रासायनिक परिवर्तन?
उत्तर: बेकिंग सोडा को जल में मिलाने पर सामान्यतः गैस के बुलबुले नहीं बनते। बेकिंग सोडा जल में घुल जाता है। इसलिए यह मुख्य रूप से भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि कोई नया पदार्थ नहीं बनता। सिरका और बेकिंग सोडा मिलाने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, इसलिए वह रासायनिक परिवर्तन है।
पृष्ठ 62 — क्रियाकलाप 5.5
प्रश्न: मैग्नीशियम रिबन का जलना भौतिक है या रासायनिक?
उत्तर: मैग्नीशियम रिबन का जलना रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि मैग्नीशियम ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके नया पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। इस प्रक्रिया में ऊष्मा और प्रकाश भी उत्पन्न होते हैं।
समीकरण: मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड + ऊष्मा + प्रकाश
प्रश्न: दोनों स्थितियों में मोमबत्ती की लौ का क्या होता है?
उत्तर: जो मोमबत्ती खुली रहती है, वह जलती रहती है। जिस मोमबत्ती को काँच के गिलास से ढक दिया जाता है, वह कुछ समय बाद बुझ जाती है। इसका कारण है कि ढकी हुई मोमबत्ती को ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति नहीं मिलती।
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प्रश्न: ऐसा क्यों होता है कि ढकी हुई मोमबत्ती कुछ समय बाद बुझ जाती है?
उत्तर: काँच के गिलास से ढकने पर मोमबत्ती को वायु नहीं मिलती। वायु में उपस्थित ऑक्सीजन दहन के लिए आवश्यक होती है। जब ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है, तो मोमबत्ती बुझ जाती है।
प्रश्न: आप कार्बन डाइऑक्साइड गैस की उपस्थिति का परीक्षण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड गैस की उपस्थिति का परीक्षण चूने के पानी से किया जाता है। यदि गैस को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर चूने का पानी दूधिया हो जाए, तो इससे कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति सिद्ध होती है।
प्रश्न: यदि किसी व्यक्ति के वस्त्रों में आग लग जाए तो आग बुझाने का सबसे अच्छा उपाय क्या है?
उत्तर: उस व्यक्ति के चारों ओर कंबल या कोई मोटा सूती वस्त्र लपेट देना चाहिए। इससे वायु की आपूर्ति बंद हो जाती है और आग बुझ जाती है।
ध्यान रहे कि आग बुझाने के लिए संश्लेषित रेशों से बने कंबल या वस्त्र का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे पिघलकर त्वचा से चिपक सकते हैं।
प्रश्न: क्या वायु की उपस्थिति दहन के लिए अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, दहन के लिए वायु में उपस्थित ऑक्सीजन अनिवार्य है। बिना ऑक्सीजन के दहन नहीं हो सकता।
पृष्ठ 64 — क्रियाकलाप 5.6
प्रश्न: क्या हम यह कह सकते हैं कि दहन-प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए अग्नि की आवश्यकता होती है?
उत्तर: दहन प्रारंभ करने के लिए पदार्थ को उसके प्रज्वलन तापमान तक गरम करना आवश्यक होता है। यह ऊष्मा जलती हुई माचिस से भी मिल सकती है और सूर्य की किरणों को आवर्धक लेंस से केंद्रित करके भी मिल सकती है। इसलिए दहन के लिए केवल अग्नि नहीं, बल्कि पर्याप्त ऊष्मा आवश्यक है।
प्रश्न: आवर्धक लेंस से सूर्य की किरणों को कागज पर केंद्रित करने पर आपने क्या अवलोकन किया?
उत्तर: कुछ समय बाद कागज गर्म हो जाता है, उससे धुआँ निकलता है और वह जलने लगता है।
प्रश्न: इस परिवर्तन की व्याख्या कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: आवर्धक लेंस सूर्य की किरणों को एक छोटे बिंदु पर केंद्रित करता है। इससे कागज का तापमान बढ़ता है। जब कागज अपने प्रज्वलन तापमान तक पहुँच जाता है, तो वह जलने लगता है।
प्रश्न: दहन प्रक्रिया के लिए कौन-कौन से तत्व आवश्यक हैं?
उत्तर: दहन के लिए तीन तत्व आवश्यक हैं—
- दहनशील पदार्थ या ईंधन
- ऑक्सीजन
- ऊष्मा, जो ईंधन को उसके प्रज्वलन तापमान तक पहुँचाए
इन तीनों को मिलाकर अग्नि त्रिकोण कहा जाता है।
पृष्ठ 65 — क्रियाकलाप 5.7
प्रश्न: मोमबत्ती जलाने पर क्या परिवर्तन होते हैं?
उत्तर: मोमबत्ती जलाने पर भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन होते हैं।
मोम का पिघलना, बहना, जमना और वाष्पित होना भौतिक परिवर्तन हैं। मोम की वाष्प का जलना रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें नए पदार्थ बनते हैं और ऊष्मा व प्रकाश उत्पन्न होते हैं। इसलिए मोमबत्ती का जलना भौतिक और रासायनिक दोनों प्रकार का परिवर्तन है।
पृष्ठ 66 — क्रियाकलाप 5.8
तालिका 5.2 — क्या परिवर्तनों को उत्क्रमित किया जा सकता है?
| क्र.सं. | परिवर्तन | क्या मूल स्थिति में पुनः लाया जा सकता है? |
|---|---|---|
| 1. | बर्फ के टुकड़ों का पिघलना | हाँ |
| 2. | सब्जियाँ काटना | नहीं |
| 3. | जल का उबलना | हाँ |
| 4. | मक्का से पॉपकॉर्न बनाना | नहीं |
| 5. | कागज का टुकड़ों में कटना | नहीं |
| 6. | चुकंदर के रस का जल में मिलना | नहीं |
| 7. | लकड़ी का जलना | नहीं |
| 8. | गीले वस्त्रों का सूखना | हाँ |
| 9. | गूँधे हुए आटे से लोइयाँ बनना | हाँ |
| 10. | लोइयों से रोटियाँ बेलना | हाँ |
| 11. | दूध का दही बनना | नहीं |
| 12. | मोम का पिघलना | हाँ |
प्रश्न: किस आधार पर परिवर्तनों का समूहीकरण किया जा सकता है?
उत्तर: परिवर्तनों का समूहीकरण इस आधार पर किया जा सकता है कि वे उत्क्रमणीय हैं या अनुत्क्रमणीय। जिन परिवर्तनों में पदार्थ को मूल अवस्था में वापस लाया जा सकता है, वे उत्क्रमणीय परिवर्तन हैं। जिनमें मूल पदार्थ वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता, वे अनुत्क्रमणीय परिवर्तन हैं।
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प्रश्न: क्या आप अपने चारों ओर होने वाले कुछ अन्य वांछनीय परिवर्तनों के विषय में सोच सकते हैं?
उत्तर: हाँ, कुछ वांछनीय परिवर्तन हैं—
दूध का दही बनना, भोजन पकना, बीज का अंकुरित होना, फलों का पकना, कपड़ों का सूखना, पौधों का बढ़ना और खाद्य अपशिष्ट का खाद में बदलना।
प्रश्न: क्या एक अवांछनीय परिवर्तन किसी दूसरी परिस्थिति में वांछनीय हो सकता है?
उत्तर: हाँ। उदाहरण के लिए भोजन का सड़ना सामान्य रूप से अवांछनीय है, परंतु खाद्य अपशिष्ट का अपघटन होकर खाद बनना वांछनीय है, क्योंकि इससे पौधों को पोषण मिलता है।
प्रश्न: चट्टानों के अपक्षय से क्या बनता है?
उत्तर: चट्टानों के अपक्षय से धीरे-धीरे मृदा बनती है। इसमें भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन हो सकते हैं। तापमान, जल, वायु और पेड़ों की जड़ें चट्टानों को छोटे टुकड़ों में तोड़ती हैं। जल और उसमें उपस्थित रसायन चट्टानों की संरचना में रासायनिक परिवर्तन भी कर सकते हैं।
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प्रश्न: अपरदन किसे कहते हैं?
उत्तर: जब चट्टान, मृदा, कंकड़ और तलछट टूटकर वायु या बहते जल जैसी प्राकृतिक शक्तियों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को अपरदन कहते हैं।
प्रश्न: क्या अपरदन भौतिक परिवर्तन है?
उत्तर: हाँ, अपरदन मुख्य रूप से भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें पदार्थों का आकार, स्थान या रूप बदलता है, पर कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
पृष्ठ 69 — आइए, और अधिक सीखें
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-से कथन भौतिक परिवर्तन की विशेषताएँ हैं?
(i) पदार्थ की अवस्था परिवर्तित हो सकती है अथवा नहीं हो सकती है। (ii) भिन्न गुणों वाला एक पदार्थ बनता है। (iii) कोई नया पदार्थ नहीं बनता है। (iv) पदार्थ में रासायनिक अभिक्रिया होती है।
(क) (i) और (ii) (ख) (ii) और (iii) (ग) (i) और (iii) (घ) (iii) और (iv)
उत्तर: सही विकल्प है — (ग) (i) और (iii)
भौतिक परिवर्तन में पदार्थ की अवस्था बदल सकती है, जैसे बर्फ का जल बनना, पर कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
प्रश्न 2. पूर्वानुमान लगाइए कि निम्नलिखित परिवर्तनों में से कौन-से परिवर्तन उत्क्रमित किए जा सकते हैं और कौन-से नहीं।
| क्रम | परिवर्तन | उत्क्रमित किया जा सकता है या नहीं |
|---|---|---|
| (i) | वस्त्र सिलकर कमीज बनाना | नहीं |
| (ii) | सीधी डोरी को ऐंठना | हाँ |
| (iii) | इडली के घोल से इडली बनाना | नहीं |
| (iv) | जल में चीनी घोलना | हाँ |
| (v) | कुएँ से जल निकालना | हाँ |
| (vi) | फलों का पकना | नहीं |
| (vii) | खुले पात्र में जल उबालना | हाँ, यदि वाष्प को संघनित किया जाए |
| (viii) | चटाई समेटना | हाँ |
| (ix) | गेहूँ के दानों को पीसकर आटा बनाना | नहीं |
| (x) | चट्टानों से मृदा का बनना | नहीं |
उत्तर: जिन परिवर्तनों में पदार्थ को मूल रूप में वापस लाया जा सकता है, वे उत्क्रमित हो सकते हैं। जैसे डोरी को सीधा करना, चटाई खोलना, चीनी को जल से अलग करना आदि। फलों का पकना, इडली बनना और चट्टानों से मृदा बनना अनुत्क्रमणीय परिवर्तन हैं।
प्रश्न 3. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य। यदि कोई कथन असत्य है तो सही कथन लिखिए।
(i) मोमबत्ती जलाने के लिए मोम का पिघलना आवश्यक है।
उत्तर: सत्य। मोम पिघलकर बत्ती में ऊपर चढ़ता है, फिर वाष्पित होकर जलता है।
(ii) संघनन द्वारा जलवाष्प को एकत्रित करने में रासायनिक परिवर्तन होता है।
उत्तर: असत्य। सही कथन: संघनन द्वारा जलवाष्प को जल में बदलना भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
(iii) पत्तियों को खाद में बदलने की प्रक्रिया एक रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तर: सत्य। पत्तियाँ सड़कर खाद बनती हैं, इसलिए नए पदार्थ बनते हैं।
(iv) बेकिंग सोडा को नींबू के रस के साथ मिश्रित करना एक रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तर: सत्य। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।
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प्रश्न 4. निम्नलिखित कथनों के रिक्त स्थान भरिए—
(i) नलिनी ने देखा कि उसकी साइकिल के हत्थे पर भूरे रंग का निक्षेप हो गया है। भूरे रंग का यह निक्षेप __________ के कारण होता है और यह एक __________ परिवर्तन है।
उत्तर: भूरे रंग का यह निक्षेप जंग लगने के कारण होता है और यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ii) रूमाल की तह लगाना एक __________ परिवर्तन है और यह __________ हो सकता है।
उत्तर: रूमाल की तह लगाना एक भौतिक परिवर्तन है और यह उत्क्रमित हो सकता है।
(iii) वह रासायनिक प्रक्रिया जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा उत्सर्जित करता है, उसे __________ कहते हैं और यह __________ परिवर्तन होता है।
उत्तर: उसे दहन कहते हैं और यह रासायनिक परिवर्तन होता है।
(iv) मैग्नीशियम जब वायु में जलाया जाता है तो यह एक पदार्थ बनाता है जिसे __________ कहा जाता है। बनने वाला पदार्थ __________ प्रकृति का होता है। मैग्नीशियम का जलना एक __________ परिवर्तन है।
उत्तर: मैग्नीशियम जब वायु में जलाया जाता है तो यह एक पदार्थ बनाता है जिसे मैग्नीशियम ऑक्साइड कहा जाता है। बनने वाला पदार्थ क्षारीय प्रकृति का होता है। मैग्नीशियम का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है।
प्रश्न 5. जल का बर्फ या वाष्प में परिवर्तित होना भौतिक परिवर्तन है अथवा रासायनिक परिवर्तन? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: जल का बर्फ या वाष्प में परिवर्तित होना भौतिक परिवर्तन है।
कारण यह है कि जल, बर्फ और वाष्प तीनों में पदार्थ वही रहता है — जल। केवल उसकी अवस्था बदलती है। कोई नया पदार्थ नहीं बनता। इसलिए यह भौतिक परिवर्तन है।
प्रश्न 6. क्या दूध का फटना एक भौतिक परिवर्तन है अथवा रासायनिक परिवर्तन? अपने कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: दूध का फटना रासायनिक परिवर्तन है।
दूध फटने पर उसमें नए पदार्थ बनते हैं और उसका स्वाद, गंध तथा गुण बदल जाते हैं। फटा हुआ दूध पुनः पहले जैसा दूध नहीं बन सकता। इसलिए यह रासायनिक और अनुत्क्रमणीय परिवर्तन है।
प्रश्न 7. वायु, वर्षा आदि जैसे प्राकृतिक कारक चट्टानों से मृदा का निर्माण करते हैं। क्या यह परिवर्तन भौतिक है अथवा रासायनिक और क्यों?
उत्तर: चट्टानों से मृदा का निर्माण भौतिक और रासायनिक दोनों प्रकार का परिवर्तन हो सकता है।
वायु, वर्षा, तापमान और पेड़ों की जड़ें चट्टानों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ती हैं। यह भौतिक परिवर्तन है। जल और उसमें घुले रसायन चट्टानों के खनिजों से अभिक्रिया करके नए पदार्थ बना सकते हैं। यह रासायनिक परिवर्तन है। इसलिए मृदा निर्माण में दोनों प्रकार के परिवर्तन शामिल होते हैं।
प्रश्न 8. ‘पर्यावरण-हितैषी—पृथु’ कहानी पढ़िए और कोष्ठक में दिए गए सबसे उपयुक्त विकल्प पर चिह्न लगाइए। कहानी के लिए अपनी रुचि का उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर: उपयुक्त शीर्षक: “पृथु का पर्यावरण-प्रेम”
| घटना | परिवर्तन का प्रकार |
|---|---|
| सब्जियाँ काटना, आलू छीलना और फल काटना | भौतिक परिवर्तन |
| बीजों, फल और सब्जियों के छिलकों को मिट्टी के पात्र में एकत्रित करना | भौतिक परिवर्तन |
| जीवाणु और कवक की क्रिया से छिलकों का सड़कर खाद बनना | रासायनिक परिवर्तन |
| बीजों का अंकुरित होकर पौधे बनना और फूल खिलना | रासायनिक परिवर्तन |
संक्षिप्त व्याख्या: सब्जियाँ काटने और छिलके इकट्ठे करने में केवल आकार या स्थान बदलता है, इसलिए ये भौतिक परिवर्तन हैं। छिलकों का खाद बनना और बीजों का पौधे में बदलना रासायनिक परिवर्तन हैं, क्योंकि इनमें नए पदार्थ बनते हैं और गुण बदलते हैं।
प्रश्न 9. दिए गए परिवर्तनों को भौतिक, रासायनिक तथा दोनों प्रकार के परिवर्तनों में वर्गीकृत कीजिए।

दिए गए परिवर्तन: मोमबत्ती जलने की प्रक्रिया; कागज का फटना; जंग का लगना; दूध का फटना; फलों का पकना; बर्फ का पिघलना; वस्त्रों की तह लगाना; मैग्नीशियम का जलना; बेकिंग सोडा को सिरके में मिश्रित करना।
उत्तर:
| क्षेत्र | परिवर्तन |
|---|---|
| ‘क’ — भौतिक परिवर्तन | कागज का फटना, बर्फ का पिघलना, वस्त्रों की तह लगाना |
| ‘ख’ — रासायनिक परिवर्तन | जंग का लगना, दूध का फटना, फलों का पकना, मैग्नीशियम का जलना, बेकिंग सोडा को सिरके में मिश्रित करना |
| ‘ग’ — भौतिक और रासायनिक दोनों | मोमबत्ती जलने की प्रक्रिया |
व्याख्या: मोमबत्ती जलने में मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन है और मोम की वाष्प का जलना रासायनिक परिवर्तन है। इसलिए इसे दोनों वाले क्षेत्र ‘ग’ में रखा जाएगा।
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प्रश्न 10. चित्र 5.11 (क), (ख), (ग), और (घ) में दर्शाए गए प्रयोग किए गए। पता लगाइए कि किस प्रयोग में चूने का पानी दूधिया हो गया और क्यों?
उत्तर: चित्र 5.11 में चूने का पानी उन प्रयोगों में दूधिया होगा जिनमें कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनेगी।
| प्रयोग | मिश्रण | चूने का पानी दूधिया होगा या नहीं? | कारण |
|---|---|---|---|
| (क) | सिरका + बेकिंग सोडा | हाँ | कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। |
| (ख) | सिरका + साधारण नमक | नहीं | कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बनती। |
| (ग) | नींबू का रस + सिरका | नहीं | दोनों अम्लीय पदार्थ हैं, CO₂ नहीं बनती। |
| (घ) | नींबू का रस + बेकिंग सोडा | हाँ | कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। |
निष्कर्ष: चूने का पानी (क) और (घ) में दूधिया होगा, क्योंकि इन दोनों में अम्ल और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया से कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। यह गैस चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
पृष्ठ 71 — अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ
परियोजना 1. नींबू के रस से अदृश्य स्याही
प्रश्न: क्या इन परिवर्तनों में से किसी भी परिवर्तन को उत्क्रमित किया जा सकता है?
उत्तर: नींबू के रस से लिखा संदेश सूखने पर अदृश्य हो जाता है। यह परिवर्तन कुछ हद तक भौतिक है, क्योंकि जल वाष्पित हो जाता है। लेकिन जब कागज को गरम किया जाता है तो अक्षर भूरे रंग के दिखाई देने लगते हैं। यह रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि नींबू के रस में उपस्थित पदार्थ गर्म होकर बदल जाते हैं।
भूरे रंग के अक्षरों को पुनः अदृश्य नहीं किया जा सकता, इसलिए यह परिवर्तन अनुत्क्रमणीय है।
परियोजना 2. भूस्खलन और चट्टानों के टूटने को कम करने के उपाय
उत्तर: भूस्खलन और चट्टानों के टूटने को कम करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं—
- पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक पेड़ लगाए जाएँ।
- ढलानों पर अंधाधुंध निर्माण न किया जाए।
- सड़कों के किनारे मजबूत दीवारें बनाई जाएँ।
- वर्षा जल के निकास की सही व्यवस्था हो।
- पहाड़ों की अनावश्यक कटाई और खनन कम किया जाए।
- ढलानों पर घास और पौधे लगाए जाएँ ताकि मिट्टी बँधी रहे।
परियोजना 3. रसोईघर में हो रहे उत्क्रमणीय परिवर्तनों का अवलोकन
उत्तर: रसोईघर में कुछ उत्क्रमणीय परिवर्तन हैं—
| परिवर्तन | प्रकार |
|---|---|
| जल का जमकर बर्फ बनना | भौतिक परिवर्तन |
| बर्फ का पिघलना | भौतिक परिवर्तन |
| जल का उबलकर वाष्प बनना | भौतिक परिवर्तन |
| घी का पिघलना | भौतिक परिवर्तन |
| रोटी बेलना | भौतिक परिवर्तन, कुछ हद तक उत्क्रमणीय |
| मसालों को मिलाना | प्रायः भौतिक परिवर्तन |
अधिकांश उत्क्रमणीय परिवर्तन भौतिक होते हैं।
परियोजना 4. डबल रोटी को मुलायम और फूला हुआ बनाने में खमीर कैसे कार्य करता है?
उत्तर: खमीर शक्कर पर क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। यह गैस आटे में छोटे-छोटे बुलबुले बनाती है, जिससे आटा फूल जाता है। इसलिए डबल रोटी मुलायम और फूली हुई बनती है।
पृष्ठ 72 — खमीर वाला प्रयोग
प्रश्न: आप क्या अवलोकन करते हैं?
उत्तर: बोतल में शक्कर, जल और खमीर मिलाने के कुछ समय बाद गैस बनती है और गुब्बारा फूलने लगता है।
प्रश्न: गुब्बारे की गैस को चूने के पानी में मिलाने पर क्या अवलोकन करते हैं?
उत्तर: चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
प्रश्न: आप इस प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
उत्तर: इससे निष्कर्ष निकलता है कि खमीर शक्कर पर क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। यही गैस गुब्बारे को फुलाती है और चूने के पानी को दूधिया करती है।
प्रश्न: इस प्रयोग में होने वाले सभी परिवर्तनों को पहचानिए और बताइए कि कौन-से परिवर्तन भौतिक हैं और कौन-से रासायनिक।
उत्तर:
| परिवर्तन | प्रकार |
|---|---|
| शक्कर का जल में घुलना | भौतिक परिवर्तन |
| खमीर द्वारा शक्कर पर क्रिया करके गैस बनाना | रासायनिक परिवर्तन |
| गुब्बारे का फूलना | भौतिक परिवर्तन |
| चूने के पानी का दूधिया होना | रासायनिक परिवर्तन |
गिरगिट से संबंधित प्रश्न
प्रश्न: गिरगिट अपने आस-पास के वातावरण के अनुरूप अपना रंग बदलते हैं। क्या यह ऐसा परिवर्तन है जिसे उत्क्रमित किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, गिरगिट का रंग बदलना उत्क्रमणीय परिवर्तन है, क्योंकि गिरगिट परिस्थिति बदलने पर अपना रंग फिर बदल सकता है। यह परिवर्तन उसके शरीर की विशेष कोशिकाओं के कारण होता है। रंग बदलना उसे छिपने, शत्रुओं से बचने और भाव व्यक्त करने में सहायता करता है।
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