Class 7 · विज्ञान · Hindi Medium · नोट्स / व्याख्या

Chapter 5: हमारे आस-पास के परिवर्तन - भौतिक एवं रासायनिक

इस अध्याय के संपूर्ण नोट्स, सरल व्याख्या, प्रमुख अवधारणाएँ, उदाहरण, चित्र और सारांश नीचे पढ़ें।

जिज्ञासाहिंदी माध्यमनोट्स / व्याख्या
Class
7
Subject
विज्ञान
Book
जिज्ञासा
Medium
Hindi
संपूर्ण नोट्स एवं सारांश

कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 5 के संपूर्ण नोट्स में भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, दहन, जंग, मैग्नीशियम का जलना, उत्क्रमणीय परिवर्तन, अपक्षय और अपरदन समझिए।

1. अध्याय का परिचय

हमारे आस-पास हर समय अनेक परिवर्तन होते रहते हैं। जैसे—बर्फ का पिघलना, जल का उबलना, फल का पकना, लोहे में जंग लगना, लकड़ी का जलना, दूध का दही बनना आदि। इन परिवर्तनों में कभी केवल आकार, अवस्था या रूप बदलता है, और कभी नए पदार्थ बन जाते हैं। इसी आधार पर परिवर्तनों को मुख्य रूप से भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन में बाँटा जाता है।

2. परिवर्तन किसे कहते हैं?

जब किसी वस्तु या पदार्थ के आकार, रंग, गंध, अवस्था, तापमान, स्वाद या गुणों में बदलाव होता है, तो उसे परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: बर्फ का जल बनना, कागज का फटना, फल का पकना, दूध का फटना, लोहे में जंग लगना।

3. भौतिक परिवर्तन

परिभाषा: जिस परिवर्तन में पदार्थ के केवल भौतिक गुण जैसे आकार, आकृति, अवस्था या माप बदलते हैं, लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनता, उसे भौतिक परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: बर्फ का पिघलना, जल का उबलना, कागज का मोड़ना, कपड़ों का सूखना, रूमाल की तह लगाना, चॉक का चूरा बनना।

भौतिक परिवर्तन की विशेषताएँ: इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता। पदार्थ की अवस्था बदल सकती है। कई भौतिक परिवर्तन उत्क्रमणीय होते हैं, यानी उन्हें वापस पहले जैसा किया जा सकता है।

उदाहरण:

बर्फ → जल → बर्फ यह भौतिक परिवर्तन है क्योंकि पदार्थ जल ही रहता है, केवल अवस्था बदलती है।

4. रासायनिक परिवर्तन

परिभाषा: जिस परिवर्तन में एक या एक से अधिक नए पदार्थ बनते हैं, उसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। नए पदार्थ बनने की प्रक्रिया को रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।

उदाहरण: लकड़ी का जलना, दूध का फटना, फल का पकना, लोहे में जंग लगना, मैग्नीशियम रिबन का जलना, सिरका और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया।

रासायनिक परिवर्तन की विशेषताएँ: इसमें नया पदार्थ बनता है। पदार्थ के गुण बदल जाते हैं। अधिकतर रासायनिक परिवर्तन अनुत्क्रमणीय होते हैं। कभी-कभी गैस, ऊष्मा, प्रकाश, रंग परिवर्तन या गंध उत्पन्न होती है।

5. भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में अंतर

आधारभौतिक परिवर्तनरासायनिक परिवर्तन
नया पदार्थनहीं बनताबनता है
गुणों में परिवर्तनकेवल भौतिक गुण बदलते हैंरासायनिक गुण बदलते हैं
उत्क्रमणीयताकई बार उत्क्रमणीय होता हैअधिकतर अनुत्क्रमणीय होता है
उदाहरणबर्फ का पिघलनालकड़ी का जलना
परिणामपदार्थ वही रहता हैनया पदार्थ बन जाता है
फूँक मारने से चूने के पानी में होने वाला परिवर्तन
चूने के पानी का दूधिया होना

6. चूने के पानी का दूधिया होना

जब चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित की जाती है, तो चूने का पानी दूधिया हो जाता है। इसका कारण है कि कार्बन डाइऑक्साइड चूने के पानी से अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट बनाती है, जो सफेद अघुलनशील पदार्थ है।

रासायनिक समीकरण:

कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल

यह कार्बन डाइऑक्साइड गैस की जाँच करने की विधि है।

7. सिरका और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया

सिरका और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया की प्रयोग व्यवस्था
सिरका और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया

जब सिरका या नींबू का रस बेकिंग सोडा के साथ मिलाया जाता है, तो बुलबुले बनते हैं। ये बुलबुले कार्बन डाइऑक्साइड गैस के होते हैं। यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नया पदार्थ यानी गैस बनती है।

समीकरण: सिरका + बेकिंग सोडा → कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य पदार्थ

जंग लगी हुई लोहे की कीलें
चित्र 5.4 — जंग लगी हुई लोहे की कीलें

8. जंग लगना

लोहे की वस्तुओं पर जब भूरे रंग की परत जम जाती है, तो उसे जंग कहते हैं। जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नया पदार्थ आयरन ऑक्साइड बनता है।

उदाहरण: लोहे की कील, साइकिल का हैंडल, लोहे की रेलिंग आदि पर जंग लगना।

9. दहन

परिभाषा: वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है, उसे दहन कहते हैं।

उदाहरण: लकड़ी का जलना, कागज का जलना, मोमबत्ती का जलना, मैग्नीशियम रिबन का जलना।

दहनशील पदार्थ: जिन पदार्थों का दहन हो सकता है, उन्हें दहनशील पदार्थ कहते हैं।

उदाहरण: लकड़ी, कागज, कपास, मिट्टी का तेल।

10. मैग्नीशियम रिबन का जलना

जलती हुई मैग्नीशियम रिबन से निकलता तेज प्रकाश
चित्र 5.5 — जलती हुई मैग्नीशियम रिबन

जब मैग्नीशियम रिबन को जलाया जाता है, तो यह तेज प्रकाश के साथ जलता है और सफेद चूर्ण बनाता है। यह सफेद चूर्ण मैग्नीशियम ऑक्साइड होता है।

समीकरण:

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड + ऊष्मा + प्रकाश

यह रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नया पदार्थ बनता है।

11. दहन के लिए आवश्यक शर्तें

दहन के लिए तीन चीज़ें आवश्यक होती हैं। इन्हें अग्नि त्रिकोण भी कहा जाता है।

  1. दहनशील पदार्थ या ईंधन
  2. ऑक्सीजन
  3. ऊष्मा

इनमें से किसी एक की कमी होने पर दहन नहीं होगा।

उदाहरण:

जलती मोमबत्ती को काँच से ढकने पर लौ का बुझना
दहन के लिए वायु की आवश्यकता

काँच के गिलास से ढकने पर मोमबत्ती बुझ जाती है क्योंकि ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है।

12. प्रज्वलन तापमान

परिभाषा: वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ता है, उसे उसका प्रज्वलन तापमान कहते हैं।

उदाहरण: कागज को आवर्धक लेंस से सूर्य की किरणों द्वारा गरम करने पर वह अपने प्रज्वलन तापमान तक पहुँचकर जलने लगता है।

13. मोमबत्ती का जलना — भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन

विद्यार्थियों द्वारा मोमबत्ती में होने वाले परिवर्तनों का अवलोकन
मोमबत्ती जलने का क्रियाकलाप

मोमबत्ती जलने पर दोनों प्रकार के परिवर्तन होते हैं।

मोम का पिघलना, बहना, जमना और वाष्पित होना भौतिक परिवर्तन हैं। मोम की वाष्प का जलना रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें ऊष्मा, प्रकाश और नए पदार्थ बनते हैं। इसलिए मोमबत्ती का जलना भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन है।

14. उत्क्रमणीय और अनुत्क्रमणीय परिवर्तन

उत्क्रमणीय परिवर्तन: जिस परिवर्तन को उलटकर पदार्थ को फिर से मूल अवस्था में लाया जा सके, उसे उत्क्रमणीय परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: बर्फ का पिघलना, जल का जमना, रूमाल की तह लगाना, चटाई समेटना।

अनुत्क्रमणीय परिवर्तन: जिस परिवर्तन को उलटकर पदार्थ को फिर से मूल अवस्था में न लाया जा सके, उसे अनुत्क्रमणीय परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: दूध का फटना, फल का पकना, लकड़ी का जलना, मक्का से पॉपकॉर्न बनना।

15. वांछनीय और अवांछनीय परिवर्तन

वांछनीय परिवर्तन: जो परिवर्तन हमारे लिए उपयोगी होते हैं, उन्हें वांछनीय परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: दूध का दही बनना, भोजन पकना, बीज का अंकुरित होना, फल का पकना।

अवांछनीय परिवर्तन: जो परिवर्तन हमारे लिए हानिकारक या अनुपयोगी होते हैं, उन्हें अवांछनीय परिवर्तन कहते हैं।

उदाहरण: लोहे में जंग लगना, भोजन का सड़ना, दूध का फटना।

कभी-कभी एक अवांछनीय परिवर्तन किसी दूसरी परिस्थिति में उपयोगी भी हो सकता है। जैसे खाद्य पदार्थों का सड़ना सामान्य रूप से अवांछनीय है, पर खाद बनाने में यह वांछनीय है।

अपक्षय से चट्टानों के टूटने और रंग बदलने के उदाहरण
चट्टानों का अपक्षय

16. अपक्षय

परिभाषा: चट्टानों के टूटने, घिसने और रासायनिक रूप से बदलने की धीमी प्राकृतिक प्रक्रिया को अपक्षय कहते हैं।

अपक्षय में भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन हो सकते हैं। तापमान में परिवर्तन, जल, वायु, पेड़ों की जड़ें और रसायन चट्टानों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बदलते हैं। इससे धीरे-धीरे मृदा बनती है।

17. अपरदन

परिभाषा: जब चट्टान, मिट्टी, कंकड़ और तलछट वायु या बहते जल द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाए जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को अपरदन कहते हैं।

अपरदन मुख्य रूप से भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें पदार्थ का स्थान और आकार बदलता है, लेकिन नया पदार्थ नहीं बनता।

18. महत्वपूर्ण शब्दावली

शब्दअर्थ
परिवर्तनकिसी वस्तु या पदार्थ में होने वाला बदलाव
भौतिक परिवर्तनजिसमें नया पदार्थ नहीं बनता
रासायनिक परिवर्तनजिसमें नया पदार्थ बनता है
रासायनिक अभिक्रियानए पदार्थ बनने की प्रक्रिया
दहनऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करना
दहनशील पदार्थजो पदार्थ जल सकते हैं
प्रज्वलन तापमानवह न्यूनतम तापमान जिस पर पदार्थ आग पकड़ता है
जंगलोहे पर बनने वाली भूरे रंग की परत
अपक्षयचट्टानों का टूटना और बदलना
अपरदनमिट्टी या चट्टान के कणों का जल/वायु द्वारा बहना
उत्क्रमणीय परिवर्तनजिसे वापस मूल अवस्था में लाया जा सके
अनुत्क्रमणीय परिवर्तनजिसे वापस मूल अवस्था में न लाया जा सके

19. अध्याय का सारांश

इस अध्याय में हमने सीखा कि हमारे आस-पास अनेक प्रकार के परिवर्तन होते हैं। कुछ परिवर्तन ऐसे होते हैं जिनमें केवल पदार्थ का आकार, रूप, अवस्था या माप बदलता है, लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनता। इन्हें भौतिक परिवर्तन कहते हैं। बर्फ का पिघलना, जल का उबलना और कागज का फटना इसके उदाहरण हैं।

कुछ परिवर्तन ऐसे होते हैं जिनमें नए पदार्थ बनते हैं। इन्हें रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। लकड़ी का जलना, दूध का फटना, फल का पकना, लोहे में जंग लगना और बेकिंग सोडा को सिरके में मिलाना रासायनिक परिवर्तन हैं। दहन भी एक रासायनिक परिवर्तन है जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है।

दहन के लिए ईंधन, ऑक्सीजन और ऊष्मा आवश्यक हैं। जिस न्यूनतम तापमान पर कोई पदार्थ आग पकड़ता है, उसे प्रज्वलन तापमान कहते हैं। मोमबत्ती का जलना एक ऐसा उदाहरण है जिसमें भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन होते हैं।

परिवर्तन उत्क्रमणीय और अनुत्क्रमणीय भी हो सकते हैं। बर्फ का पिघलना उत्क्रमणीय परिवर्तन है, जबकि दूध का फटना अनुत्क्रमणीय परिवर्तन है। कुछ परिवर्तन वांछनीय होते हैं, जैसे भोजन पकना, और कुछ अवांछनीय होते हैं, जैसे जंग लगना।

प्रकृति में चट्टानों का अपक्षय और अपरदन भी महत्वपूर्ण परिवर्तन हैं। अपक्षय से चट्टानें टूटती और बदलती हैं, जिससे मृदा बनती है। अपरदन में जल और वायु मिट्टी या चट्टान के कणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं।

20. परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु

भौतिक परिवर्तन में नया पदार्थ नहीं बनता। रासायनिक परिवर्तन में नया पदार्थ बनता है। चूने का पानी कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति में दूधिया हो जाता है। जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है। दहन के लिए ईंधन, ऑक्सीजन और ऊष्मा आवश्यक हैं। मोमबत्ती का जलना भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन है। अपक्षय से मृदा बनती है और अपरदन मुख्य रूप से भौतिक परिवर्तन है।

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