कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 6 के संपूर्ण प्रश्न-उत्तर मुँहासों, संतुलित आहार, व्यवहारगत परिवर्तन, मासिक धर्म स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के चित्रों सहित पढ़िए।
आइए, और अधिक सीखें — प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1. 11 वर्षीय लड़के रमेश के चेहरे पर कुछ लाल दाने, यानी मुँहासे, निकले। उसकी माँ ने उसे बताया कि इसका कारण उसके शरीर में होने वाले जैविक परिवर्तन हैं।
(i) उसके चेहरे पर इन मुँहासों के होने के संभावित कारण क्या हो सकते हैं?
उत्तर: रमेश के चेहरे पर मुँहासे किशोरावस्था में होने वाले जैविक परिवर्तनों के कारण हो सकते हैं। इस अवस्था में शरीर में हार्मोन संबंधी परिवर्तन होते हैं, जिनसे त्वचा में तेलीय स्राव बढ़ जाता है। यह तेल त्वचा के छिद्रों को बंद कर सकता है, जिससे चेहरे पर छोटे लाल दाने या मुँहासे निकल आते हैं। NCERT पाठ में भी मुँहासों का कारण किशोरावस्था में त्वचा से होने वाले तैलीय स्रावों का बढ़ना बताया गया है।
(ii) इन मुँहासों से कुछ राहत पाने के लिए वह क्या कर सकता है?
उत्तर: रमेश मुँहासों से राहत पाने के लिए ये उपाय कर सकता है—
- चेहरे को दिन में 2–3 बार साफ पानी से धोए।
- चेहरे को गंदे हाथों से बार-बार न छुए।
- मुँहासों को दबाए या फोड़े नहीं।
- अधिक तला-भुना और तैलीय भोजन कम खाए।
- संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी ले।
- समस्या अधिक हो तो डॉक्टर से सलाह ले।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा खाद्य समूह किशोरों के लिए अपेक्षाकृत अधिक उपयुक्त विकल्प होगा और क्यों?

उत्तर: दिए गए चित्रों में खाद्य समूह (ख) किशोरों के लिए अधिक उपयुक्त विकल्प होगा। चित्र (ख) में रोटी, चावल, दाल, सब्जी, सलाद और दही जैसे संतुलित आहार के पदार्थ दिखाई दे रहे हैं, जबकि चित्र (क) में अधिकतर तला-भुना और जंक फूड दिखाई देता है।
किशोरावस्था में शरीर तेजी से बढ़ता है, इसलिए किशोरों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इसलिए संतुलित भोजन किशोरों के लिए अधिक अच्छा होता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों को सही रूप में लिखिए—
(i) किशोरवय लड़कियों में 28–30 दिनों के अन्तराल पर होने वाला रक्त-स्राव सिकर्म माध है।
उत्तर: किशोरवय लड़कियों में 28–30 दिनों के अन्तराल पर होने वाला रक्त-स्राव मासिक धर्म है।
(ii) किशोरवय लड़कों की आवाज में रूक्षता बढ़े हुए त्रकवायं के कारण होती है।
उत्तर: किशोरवय लड़कों की आवाज में रूक्षता बढ़े हुए वाक्-यंत्र के कारण होती है।
(iii) द्वितीयक लैंगिक लक्षण वे प्राकृतिक संकेत हैं जो यह इंगित करते हैं कि शरीर वयस्कता की तैयारी कर रहा है और ये रंभवयौना को चिह्नित करते हैं।
उत्तर: द्वितीयक लैंगिक लक्षण वे प्राकृतिक संकेत हैं जो यह इंगित करते हैं कि शरीर वयस्कता की तैयारी कर रहा है और ये यौवनारंभ को चिह्नित करते हैं।
(iv) हमें लल्कको एहॉ और ग्सड्र को ‘ना’ कहना चाहिए क्योंकि ये व्यसनकारी हैं।
उत्तर: हमें एल्कोहॉल और ड्रग्स को ‘ना’ कहना चाहिए क्योंकि ये व्यसनकारी हैं।
प्रश्न 4. शालू ने अपनी सहपाठी से कहा, “किशोरावस्था में मात्र शारीरिक परिवर्तन होते हैं जैसे लंबा होना या शरीर पर बालों का निकलना।” क्या वह सही है? आप किशोरावस्था के इस वर्णन में क्या परिवर्तन करेंगे?
उत्तर: नहीं, शालू पूरी तरह सही नहीं है। किशोरावस्था में केवल शारीरिक परिवर्तन ही नहीं होते, बल्कि जैविक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तन भी होते हैं। NCERT के अनुसार किशोरावस्था की पहचान शारीरिक, जैविक और संवेगात्मक परिवर्तनों से होती है।
किशोरावस्था के सही वर्णन में ये बातें शामिल करनी चाहिए—
- शरीर की लंबाई और भार बढ़ते हैं।
- आवाज में परिवर्तन होता है।
- शरीर के कुछ भागों में बाल आने लगते हैं।
- चेहरे पर मुँहासे निकल सकते हैं।
- लड़कियों में मासिक धर्म शुरू हो सकता है।
- भावनाओं और व्यवहार में भी परिवर्तन होते हैं।
- किशोर अधिक संवेदनशील, जिज्ञासु और स्वतंत्र सोच वाले हो सकते हैं।
प्रश्न 5. कक्षा में चर्चा के समय कुछ विद्यार्थियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की। आप किन प्रश्नों को पूछकर इन बिंदुओं के औचित्य को सिद्ध करेंगे?
(i) “किशोरवयों को व्यवहारगत परिवर्तनों के संबंध में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती।”
उत्तर: इस बिंदु के औचित्य को समझने के लिए हम ये प्रश्न पूछ सकते हैं—
- क्या किशोरावस्था में मनोदशा में बार-बार परिवर्तन होना सामान्य है?
- क्या संवेगात्मक परिवर्तन किशोरों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं?
- यदि किसी किशोर को गुस्सा, चिंता या उदासी अधिक महसूस हो, तो क्या उसे किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बात करनी चाहिए?
- क्या सही मार्गदर्शन से किशोर अपने व्यवहार को बेहतर समझ सकते हैं?
निष्कर्ष: किशोरावस्था में व्यवहारगत परिवर्तन सामान्य हैं, इसलिए बहुत अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए। लेकिन यदि कोई परेशानी अधिक हो, तो माता-पिता, शिक्षक या डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
(ii) “यदि कोई हानिकारक पदार्थ का एक बार सेवन कर लेता है तो वह इच्छानुसार इसका सेवन करना कभी भी बंद कर सकता है।”
उत्तर: इस बिंदु के औचित्य को समझने के लिए हम ये प्रश्न पूछ सकते हैं—
- क्या तंबाकू, एल्कोहॉल और ड्रग्स व्यसनकारी पदार्थ हैं?
- क्या इन पदार्थों की आदत लग सकती है?
- क्या एक बार सेवन करने से बार-बार सेवन करने की इच्छा बढ़ सकती है?
- क्या हानिकारक पदार्थ शरीर और मस्तिष्क को नुकसान पहुँचा सकते हैं?
- क्या ऐसे पदार्थों से बचने के लिए शुरू में ही “ना” कहना सही है?
निष्कर्ष: यह कथन सही नहीं है। हानिकारक पदार्थ व्यसनकारी हो सकते हैं। इसलिए इनसे दूर रहना चाहिए और इनके लिए स्पष्ट रूप से “ना” कहना चाहिए। NCERT में भी तंबाकू, एल्कोहॉल और ड्रग्स जैसे पदार्थों को शरीर और मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया गया है।
प्रश्न 6. किशोर कभी-कभी मनोदशा में निरंतर परिवर्तनों का अनुभव करते हैं। किसी दिन वे स्वयं को अत्यधिक ऊर्जावान और प्रसन्न अनुभव करते हैं, जबकि किसी अन्य दिन वे अत्यंत उदासीनता का अनुभव करते हैं। अन्य कौन-से व्यवहारगत परिवर्तन इस आयु से संबंधित हैं?
उत्तर: किशोरावस्था में मनोदशा में परिवर्तन के साथ-साथ ये व्यवहारगत परिवर्तन भी देखे जा सकते हैं—
- कभी-कभी गुस्सा जल्दी आना।
- अपनी बात को अधिक महत्व देना।
- स्वतंत्र निर्णय लेने की इच्छा होना।
- मित्रों के साथ अधिक समय बिताने की इच्छा होना।
- अपने रूप-रंग या शरीर को लेकर अधिक सजग होना।
- नई चीजों को जानने और समझने की जिज्ञासा बढ़ना।
- किसी बात पर जल्दी प्रसन्न या दुखी हो जाना।
- रचनात्मक गतिविधियों, खेल, संगीत या कला में रुचि बढ़ना।
- दूसरों की सहायता करने या सामाजिक कार्यों में रुचि लेना।
ये परिवर्तन किशोरावस्था का सामान्य भाग हैं, लेकिन संतुलित व्यवहार और सही मार्गदर्शन बहुत आवश्यक है।
प्रश्न 7. शौचालय का प्रयोग करते समय मोहिनी ने ध्यान दिया कि प्रयोग किए गए सेनीटरी पैड कूड़ेदान के आस-पास बिखरे पड़े हैं। वह असहज हो गईं और उसने इस विषय में अपनी सहेलियों को बताया। उन्होंने मासिक धर्म संबंधी स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी अन्य अच्छी आदतों पर चर्चा की। आप अपने साथियों को मासिक धर्म संबंधी स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी आदतों के विषय में क्या सुझाव देंगे?
उत्तर: मैं अपने साथियों को ये सुझाव दूँगा/दूँगी—
- प्रयोग किए गए सेनीटरी पैड को खुले में न फेंकें।
- पैड को कागज या अखबार में लपेटकर कूड़ेदान में डालें।
- पैड को शौचालय में फ्लश न करें, क्योंकि इससे पाइप बंद हो सकते हैं।
- मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ सेनीटरी पैड या साफ सामग्री का उपयोग करें।
- समय-समय पर पैड बदलें।
- हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएँ।
- शरीर और कपड़ों की साफ-सफाई रखें।
- शौचालय को साफ रखें, ताकि दूसरों को असुविधा न हो।
- मासिक धर्म को लेकर शर्म या डर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
- किसी समस्या, अधिक दर्द या असामान्य परेशानी होने पर माता, शिक्षिका या डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
NCERT में भी प्रयोग के बाद सेनीटरी पैड को कागज में लपेटकर कूड़ेदान में डालने की बात कही गई है, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वच्छता बनी रहती है।
प्रश्न 8. मैरी और मनोज सहपाठी और अच्छे मित्र थे। 11 वर्ष की होने पर मैरी की गर्दन में सामने की ओर एक छोटा-सा उभार विकसित हुआ। वह चिकित्सक के पास गई। उन्होंने उसे औषधि दी और आयोडीनयुक्त नमक खाने को कहा। 12 वर्ष का होने पर उसी प्रकार का उभार मनोज की गर्दन के पास विकसित हुआ तथापि चिकित्सक ने उसे बताया कि यह उसके बड़े होने का एक लक्षण है। आपके अनुसार मैरी और मनोज को अलग-अलग परामर्श देने का संभावित कारण क्या है?
उत्तर: मैरी और मनोज को अलग-अलग परामर्श देने का कारण यह हो सकता है कि दोनों की गर्दन का उभार अलग-अलग कारणों से हुआ था।
मैरी की गर्दन का उभार संभवतः थायरॉइड ग्रंथि की समस्या या आयोडीन की कमी के कारण हुआ होगा। इसलिए डॉक्टर ने उसे औषधि दी और आयोडीनयुक्त नमक खाने को कहा।
मनोज की गर्दन का उभार किशोरावस्था में वाक्-यंत्र के बढ़ने के कारण हुआ होगा। लड़कों में किशोरावस्था के दौरान वाक्-यंत्र बड़ा होता है, जिससे गर्दन के सामने कंठमणि या Adam’s apple जैसा उभार दिखाई दे सकता है। यह बड़े होने का सामान्य लक्षण है। NCERT में भी लड़कों में वाक्-यंत्र की वृद्धि से आवाज भारी होने और गले के क्षेत्र में उभार दिखाई देने की बात बताई गई है।
प्रश्न 9. किशोरावस्था के दौरान लड़कों और लड़कियों में कुछ शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं—
(i) आवाज में परिवर्तन (ii) स्तनों का विकास (iii) मूँछों में वृद्धि (iv) चेहरे पर बालों की वृद्धि (v) चेहरे पर मुँहासे (vi) जघन क्षेत्र में बालों की वृद्धि (vii) बगल में बालों की वृद्धि
इन परिवर्तनों को नीचे दी गई तालिका में वर्गीकृत कीजिए—
उत्तर:
| केवल लड़कों में देखे गए | केवल लड़कियों में देखे गए | लड़कों और लड़कियों दोनों में देखे गए |
|---|---|---|
| मूँछों में वृद्धि | स्तनों का विकास | आवाज में परिवर्तन |
| चेहरे पर बालों की वृद्धि | चेहरे पर मुँहासे | |
| जघन क्षेत्र में बालों की वृद्धि | ||
| बगल में बालों की वृद्धि |
नोट: आवाज में परिवर्तन लड़कों और लड़कियों दोनों में होता है, लेकिन लड़कों में यह अधिक स्पष्ट होता है।
प्रश्न 10. किशोरों के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली जीने के सुझावों का उल्लेख करते हुए एक पोस्टर बनाइए।
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