Class 6 · व्यावसायिक शिक्षा · Hindi Medium · Question Answers

परियोजना 2: जैव विविधता विवरणिका

पुस्तक की गतिविधियों, तालिकाओं और प्रश्नों के संपूर्ण विद्यार्थी-अनुकूल उत्तर नीचे पढ़ें।

Kaushal Bodh | कौशल बोधभाग 1— जीव रूपों के साथ कार्य करनाQuestion Answers
Class
6
Subject
व्यावसायिक शिक्षा
Book
Kaushal Bodh | कौशल बोध
Medium
Hindi
संपूर्ण प्रश्न-उत्तर

पुस्तक की गतिविधियों, तालिकाओं और चिंतन-आधारित प्रश्नों के विद्यार्थी-अनुकूल उत्तर।

तालिका 2.1— विभिन्न प्रकार की सजीव वस्तुएँ मिलने के स्थान

सजीव वस्तुएँविभिन्न भाषाओं में नामस्थान
कीटतितली—Butterfly—फुलपाखरू (मराठी); चींटी—Ant—मुंगी (मराठी); मधुमक्खी—Honeybeeफूलों, पौधों, पेड़ों, मिट्टी और बगीचे में
पक्षीगौरैया—Sparrow—चिड़ी (पंजाबी); कबूतर—Pigeon; कौआ—Crow—काक्कै (तमिल)पेड़ों, छतों, बिजली के तारों, पार्कों और घरों के पास
पशुगाय—Cow; कुत्ता—Dog—नाई (तमिल); गिलहरी—Squirrelसड़क, खेत, पार्क, पेड़ों और घरों के आस-पास
कृमिकेंचुआ—Earthworm—गांडूळ (मराठी); गोलकृमि—Roundwormनम मिट्टी, खेत, बगीचे और खाद के गड्ढे में

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1. आपके आस-पास किस प्रकार के आवास मौजूद हैं?

उत्तर: मेरे आस-पास मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र, पार्क, छोटे बगीचे, घास के मैदान, सड़क के किनारे लगे पेड़ तथा नाले या तालाब के आस-पास के नम क्षेत्र मौजूद हैं। इन स्थानों पर अलग-अलग प्रकार के पौधे, पक्षी, कीट और छोटे पशु पाए जाते हैं।

2. क्या आपने कोई ऐसा क्षेत्र देखा है जहाँ अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक पौधे उगते हैं?

उत्तर: हाँ। मैंने स्थानीय पार्क और पौधशाला में अन्य स्थानों की तुलना में अधिक पौधे देखे हैं। वहाँ पेड़, झाड़ियाँ, घास, फूलों वाले पौधे और औषधीय पौधे उगते हैं।

3. आपने अपने आस-पास किस प्रकार के जीव देखे हैं?

उत्तर: मैंने अपने आस-पास गौरैया, कबूतर, कौआ, मैना, तोता और चील जैसे पक्षी देखे हैं। इसके अतिरिक्त गिलहरी, कुत्ता, बिल्ली, गाय, तितली, चींटी, मधुमक्खी, मच्छर, मक्खी, भृंग और केंचुए भी देखे हैं।

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4. क्या कुछ क्षेत्रों में पौधों और पशुओं के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं?

उत्तर: हाँ। पार्कों में पौधों के चारों ओर बाड़ लगाई जाती है और पेड़ काटने पर रोक रहती है। वन्यजीव अभयारण्यों तथा संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। कुछ स्थानों पर पौधारोपण, जलाशयों की सफाई, पक्षियों के लिए पानी और घोंसले लगाने जैसे कार्य भी किए जाते हैं।

5. भ्रमण के लिए चुने गए स्थान

  • विद्यालय का बगीचा
  • स्थानीय पार्क
  • पौधशाला या नर्सरी
  • तालाब अथवा जलाशय के आस-पास का क्षेत्र
  • निकट का खेत या सामुदायिक उद्यान

तालिका 2.2— भ्रमण की समय-सारणी

  • सोमवार, प्रातः 8 से 9 बजे—विद्यालय के बगीचे का भ्रमण
  • बुधवार, प्रातः 7 से 8 बजे—स्थानीय पार्क का भ्रमण
  • शुक्रवार, शाम 4 से 5 बजे—पौधशाला का भ्रमण
  • रविवार, प्रातः 7 से 9 बजे—तालाब या जलाशय का भ्रमण
  • अगले शनिवार, प्रातः 9 से 11 बजे—खेत का भ्रमण
  • एक महीने बाद—मौसमी परिवर्तनों को देखने के लिए पार्क का पुनः भ्रमण

तालिका 2.3— फसल पौधों का विवरण

प्याज का उदाहरण पुस्तक में दिया गया है। शेष चार प्रविष्टियाँ इस प्रकार भरी जा सकती हैं।

प्रविष्टि 2— गेहूँ

  • फसल का नाम: गेहूँ
  • स्थानीय नाम: गेहूँ, कनक (पंजाबी), Wheat (अंग्रेजी)
  • वैज्ञानिक नाम: Triticum aestivum
  • किस्म का नाम: एच.डी. 2967
  • रोपण विधि: खेत में सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: यह रबी की फसल है। इसे अक्टूबर-नवंबर में बोया और मार्च-अप्रैल में काटा जाता है।
  • उपयोग: आटा, रोटी, दलिया, ब्रेड और बिस्कुट बनाने में।
  • स्केच/चित्र: बालियों सहित गेहूँ के पौधे का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 3— धान

  • फसल का नाम: धान
  • स्थानीय नाम: धान, चावल, Paddy/Rice (अंग्रेजी)
  • वैज्ञानिक नाम: Oryza sativa
  • किस्म का नाम: पूसा बासमती 1121
  • रोपण विधि: पौधशाला में पौध तैयार करके खेत में रोपाई या सीधे बीजारोपण
  • विशिष्ट गुण: यह खरीफ की फसल है। इसे जून-जुलाई में लगाया और अक्टूबर-नवंबर में काटा जाता है।
  • उपयोग: चावल, खिचड़ी, खीर और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में।
  • स्केच/चित्र: बालियों सहित धान के पौधे का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 4— टमाटर

  • फसल का नाम: टमाटर
  • स्थानीय नाम: टमाटर, Tomato, तक्काली (तमिल)
  • वैज्ञानिक नाम: Solanum lycopersicum
  • किस्म का नाम: पूसा रूबी
  • रोपण विधि: पहले पौधशाला में बीज बोकर पौध तैयार की जाती है, फिर रोपाई की जाती है।
  • विशिष्ट गुण: इसकी खेती अलग-अलग मौसमों में की जा सकती है। फल पकने पर लाल हो जाते हैं।
  • उपयोग: सब्जी, सलाद, सूप, चटनी और सॉस बनाने में।
  • स्केच/चित्र: टमाटर के फल सहित पौधे का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 5— सरसों

  • फसल का नाम: सरसों
  • स्थानीय नाम: सरसों, राई, Mustard
  • वैज्ञानिक नाम: Brassica juncea
  • किस्म का नाम: पूसा बोल्ड
  • रोपण विधि: खेत में सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: इसे अक्टूबर-नवंबर में बोया और फरवरी-मार्च में काटा जाता है। इसमें पीले फूल आते हैं।
  • उपयोग: तेल, मसाला, अचार और सरसों का साग बनाने में।
  • स्केच/चित्र: पीले फूलों सहित सरसों का पौधा बनाएँ।

तालिका 2.4— फलदार पौधों का विवरण

प्रविष्टि 2— अमरूद

  • पौधे का नाम: अमरूद
  • स्थानीय नाम: अमरूद, पेरू (मराठी), Guava
  • वैज्ञानिक नाम: Psidium guajava
  • किस्म का नाम: इलाहाबाद सफेदा
  • रोपण विधि: बीज, कलम या गूटी द्वारा
  • विशिष्ट गुण: वर्षा और सर्दी के मौसम में फल आते हैं। फल में हल्की मीठी सुगंध होती है।
  • उपयोग: कच्चा खाने, जूस, जैली और मुरब्बा बनाने में।
  • स्केच/चित्र: फल सहित अमरूद के पेड़ का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 3— केला

  • पौधे का नाम: केला
  • स्थानीय नाम: केला, Banana, वाझई (तमिल)
  • वैज्ञानिक नाम: Musa paradisiaca
  • किस्म का नाम: ग्रैंड नैन
  • रोपण विधि: भूमिगत तने से निकले छोटे पौधों या ऊतक संवर्धन से
  • विशिष्ट गुण: उचित तापमान मिलने पर लगभग पूरे वर्ष फल दे सकता है। पके फल मीठे और सुगंधित होते हैं।
  • उपयोग: फल, शेक, चिप्स और मिठाइयाँ बनाने में।
  • स्केच/चित्र: केले के गुच्छे सहित पौधा बनाएँ।

प्रविष्टि 4— नींबू

  • पौधे का नाम: कागजी नींबू
  • स्थानीय नाम: नींबू, Lime, एलुमिच्चै (तमिल)
  • वैज्ञानिक नाम: Citrus aurantiifolia
  • किस्म का नाम: कागजी नींबू
  • रोपण विधि: बीज, कलम या बडिंग द्वारा
  • विशिष्ट गुण: फल खट्टा, रसदार और तेज सुगंध वाला होता है।
  • उपयोग: शिकंजी, अचार, चटनी और भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए।
  • स्केच/चित्र: फलों सहित नींबू का पौधा बनाएँ।

प्रविष्टि 5— पपीता

  • पौधे का नाम: पपीता
  • स्थानीय नाम: पपीता, Papaya
  • वैज्ञानिक नाम: Carica papaya
  • किस्म का नाम: पूसा डिलीशियस
  • रोपण विधि: बीज द्वारा
  • विशिष्ट गुण: पौधा लगाने के लगभग 9 से 12 महीने बाद फल मिलने लगते हैं। पका फल मीठा और सुगंधित होता है।
  • उपयोग: फल, सलाद, शेक और मिठाइयाँ बनाने में।
  • स्केच/चित्र: तने पर लगे पपीते के फलों का चित्र बनाएँ।

तालिका 2.5— चारा पौधों का विवरण

प्रविष्टि 2— बरसीम

  • पौधे का नाम: बरसीम
  • स्थानीय नाम: बरसीम, Egyptian Clover
  • वैज्ञानिक नाम: Trifolium alexandrinum
  • किस्म का नाम: मेस्कावी
  • रोपण विधि: सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: इसे अक्टूबर-नवंबर में बोया जाता है। इसकी कई बार कटाई की जा सकती है।
  • उपयोग: गाय और भैंस के पौष्टिक हरे चारे के रूप में।
  • स्केच/चित्र: तीन पत्तियों वाले बरसीम का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 3— चारा ज्वार

  • पौधे का नाम: ज्वार
  • स्थानीय नाम: ज्वार, चरी, Sorghum
  • वैज्ञानिक नाम: Sorghum bicolor
  • किस्म का नाम: पूसा चरी-23
  • रोपण विधि: सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: इसे गर्मी या वर्षा ऋतु में बोया जाता है। इसका पौधा लंबा होता है।
  • उपयोग: हरे और सूखे पशु-चारे के रूप में।
  • स्केच/चित्र: ज्वार की पत्तियों और बालियों का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 4— चारा बाजरा

  • पौधे का नाम: बाजरा
  • स्थानीय नाम: बाजरा, Pearl Millet
  • वैज्ञानिक नाम: Cenchrus americanus
  • किस्म का नाम: जायंट बाजरा
  • रोपण विधि: सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: यह गर्मी और कम पानी को सहन कर सकता है। इसे वर्षा ऋतु में उगाया जाता है।
  • उपयोग: पशुओं के हरे चारे और अनाज के रूप में।
  • स्केच/चित्र: बाजरे की बाली सहित पौधा बनाएँ।

प्रविष्टि 5— चारा लोबिया

  • पौधे का नाम: लोबिया
  • स्थानीय नाम: लोबिया, चौला, Cowpea
  • वैज्ञानिक नाम: Vigna unguiculata
  • किस्म का नाम: बुंदेल लोबिया-4
  • रोपण विधि: सीधे बीज बोना
  • विशिष्ट गुण: इसे गर्मी और वर्षा ऋतु में उगाया जाता है। यह प्रोटीन से भरपूर चारा है।
  • उपयोग: हरे चारे, दाने और हरी खाद के रूप में।
  • स्केच/चित्र: फलियों सहित लोबिया का पौधा बनाएँ।

बरसीम, ज्वार, बाजरा और लोबिया प्रमुख चारा फसलों में शामिल हैं; ‘बुंदेल लोबिया-4’ चारे की विकसित किस्म है। ICAR कृषि परामर्श, ICAR News

तालिका 2.6— खरपतवार पौधों का विवरण

नोट: खरपतवार जानबूझकर नहीं लगाए जाते। इसलिए “रोपण विधि” के स्थान पर उनके फैलने की विधि लिखी गई है।

प्रविष्टि 2— गाजर घास

  • पौधे का नाम: गाजर घास
  • स्थानीय नाम: कांग्रेस घास, चटक चाँदनी
  • वैज्ञानिक नाम: Parthenium hysterophorus
  • किस्म का नाम: लागू नहीं
  • फैलने की विधि: बीज हवा, पानी, पशुओं और वाहनों द्वारा फैलते हैं।
  • विशिष्ट गुण: वर्षा के बाद तेजी से बढ़ती है। इससे त्वचा में खुजली और एलर्जी हो सकती है।
  • उपयोग: इसका सामान्य उपयोग नहीं किया जाता। इसे दस्ताने पहनकर फूल आने से पहले हटाना चाहिए।
  • स्केच/चित्र: सफेद फूलों वाली गाजर घास का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 3— बथुआ

  • पौधे का नाम: बथुआ
  • स्थानीय नाम: बथुआ, Bathua
  • वैज्ञानिक नाम: Chenopodium album
  • किस्म का नाम: लागू नहीं
  • फैलने की विधि: बीजों द्वारा
  • विशिष्ट गुण: यह सर्दी में गेहूँ और अन्य फसलों के बीच उगता है।
  • उपयोग: इसकी कोमल पत्तियों का साग और पराठा बनाया जाता है।
  • स्केच/चित्र: बथुए की पत्तियों का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 4— मोथा घास

  • पौधे का नाम: मोथा
  • स्थानीय नाम: मोथा, नागरमोथा, Nut Grass
  • वैज्ञानिक नाम: Cyperus rotundus
  • किस्म का नाम: लागू नहीं
  • फैलने की विधि: भूमिगत गांठों और तनों द्वारा
  • विशिष्ट गुण: इसकी जड़ें मिट्टी में गहराई तक फैलती हैं, इसलिए इसे हटाना कठिन होता है।
  • उपयोग: नागरमोथा की जड़ों का उपयोग कुछ पारंपरिक औषधियों में किया जाता है।
  • स्केच/चित्र: जड़ों की गांठों सहित पौधे का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 5— लैंटाना

  • पौधे का नाम: लैंटाना
  • स्थानीय नाम: रायमुनिया, पंचफूली
  • वैज्ञानिक नाम: Lantana camara
  • किस्म का नाम: लागू नहीं
  • फैलने की विधि: बीजों को पक्षी दूर-दूर तक फैलाते हैं।
  • विशिष्ट गुण: इसके फूल कई रंगों के होते हैं। यह तेजी से फैलकर दूसरे पौधों की वृद्धि रोक सकता है।
  • उपयोग: कहीं-कहीं सजावटी बाड़ और इसकी टहनियों से टोकरियाँ बनाई जाती हैं। इसके फल या पत्तियाँ नहीं खानी चाहिए।
  • स्केच/चित्र: रंगीन फूलों सहित लैंटाना की झाड़ी बनाएँ।

तालिका 2.7— कीटों का विवरण

प्रविष्टि 2— टमाटर का फल छेदक

  • पौधे का नाम: टमाटर
  • स्थानीय नाम: टमाटर
  • वैज्ञानिक नाम: Solanum lycopersicum
  • कीट का नाम: फल छेदक इल्ली
  • कीट का वैज्ञानिक नाम: Helicoverpa armigera
  • आवास: पत्तियों, फूलों और टमाटर के फलों पर
  • विशिष्ट गुण: इसकी इल्ली फल में छेद करके अंदर का भाग खाती है।
  • आक्रमण का समय: फूल और फल आने के समय, विशेषकर गर्म मौसम में।
  • स्केच/चित्र: छेद वाले टमाटर और इल्ली का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 3— सरसों का माहू

  • पौधे का नाम: सरसों
  • स्थानीय नाम: सरसों या राई
  • वैज्ञानिक नाम: Brassica juncea
  • कीट का नाम: सरसों का माहू
  • कीट का वैज्ञानिक नाम: Lipaphis erysimi
  • आवास: पत्तियों, कोमल तनों, फूलों और फलियों पर
  • विशिष्ट गुण: छोटे हरे कीट समूह में रहकर पौधे का रस चूसते हैं।
  • आक्रमण का समय: दिसंबर से फरवरी के ठंडे मौसम में।
  • स्केच/चित्र: सरसों के तने पर बैठे छोटे माहू का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 4— बैंगन का तना एवं फल छेदक

  • पौधे का नाम: बैंगन
  • स्थानीय नाम: बैंगन, Brinjal
  • वैज्ञानिक नाम: Solanum melongena
  • कीट का नाम: तना एवं फल छेदक
  • कीट का वैज्ञानिक नाम: Leucinodes orbonalis
  • आवास: कोमल तनों, शाखाओं और फलों के अंदर
  • विशिष्ट गुण: इसकी इल्ली तने और फल में छेद करती है। प्रभावित शाखाएँ मुरझा जाती हैं।
  • आक्रमण का समय: गर्म तथा नमी वाले मौसम में।
  • स्केच/चित्र: छेद वाले बैंगन और मुरझाई शाखा का चित्र बनाएँ।

प्रविष्टि 5— धान का पीला तना छेदक

  • पौधे का नाम: धान
  • स्थानीय नाम: धान या चावल
  • वैज्ञानिक नाम: Oryza sativa
  • कीट का नाम: पीला तना छेदक
  • कीट का वैज्ञानिक नाम: Scirpophaga incertulas
  • आवास: धान के तने के अंदर
  • विशिष्ट गुण: इल्ली तने को अंदर से खाती है, जिससे बीच की पत्ती सूख जाती है।
  • आक्रमण का समय: वर्षा ऋतु और धान की वृद्धि के समय।
  • स्केच/चित्र: सूखी बीच वाली पत्ती और तना छेदक का चित्र बनाएँ।

विशेषज्ञों के साथ वार्तालाप

उत्तर: विशेषज्ञ से चर्चा के बाद मुझे लगा कि स्थानीय पेड़-पौधों को उगाना और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा करना सबसे प्रभावी उपाय है। हमें पेड़ों की कटाई रोकनी चाहिए, तालाबों को स्वच्छ रखना चाहिए तथा कीटनाशकों का कम उपयोग करना चाहिए। पक्षियों के लिए पानी और घोंसलों की व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों को पौधे लगाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए जागरूक करना चाहिए। सरकार, विद्यालय और समुदाय मिलकर कार्य करें तो जैव विविधता का संरक्षण अधिक प्रभावी रूप से हो सकता है।

समुदाय के सदस्यों के साथ वार्तालाप

उत्तर: स्थानीय माली और बुजुर्गों ने बताया कि पिछले 10 से 20 वर्षों में खाली मैदानों, पेड़ों और खेती की भूमि में कमी आई है। इनके स्थान पर भवन, सड़कें और दुकानें बन गई हैं। पहले गौरैया, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ, जुगनू और कई प्रकार के छोटे जीव अधिक दिखाई देते थे। अब प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और कीटनाशकों के कारण इनकी संख्या कम हुई है। दूसरी ओर, पार्कों के विकास और पौधारोपण से कुछ क्षेत्रों में हरियाली बढ़ी है। जैव विविधता बचाने के लिए स्थानीय पौधे लगाना और पुराने पेड़ों की रक्षा करना आवश्यक है।

सोचिए और उत्तर दीजिए

1. आपको क्या करने में आनंद आया?

उत्तर: मुझे पार्क और बगीचे में जाकर अलग-अलग पौधों, पक्षियों और कीटों को देखना अच्छा लगा। उनके चित्र बनाना, फोटो लेना तथा स्थानीय और वैज्ञानिक नामों की जानकारी एकत्र करना सबसे अधिक आनंददायक था।

2. आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

उत्तर: कुछ पौधों और छोटे कीटों की पहचान करना कठिन था। पक्षी जल्दी उड़ जाते थे और कीट लगातार चलते रहते थे। वैज्ञानिक नाम खोजने, सही जानकारी प्राप्त करने और खराब मौसम में अवलोकन करने में भी कठिनाई हुई।

3. अगली बार आप क्या भिन्न करेंगे?

उत्तर: अगली बार मैं भ्रमण से पहले स्थान और समय की अच्छी योजना बनाऊँगा। मैं आवर्धक काँच, दूरबीन, नोटबुक और फील्ड गाइड साथ ले जाऊँगा। विभिन्न मौसमों में उसी स्थान पर जाकर परिवर्तनों का अवलोकन भी करूँगा।

4. जैव विविधता विवरणिका का क्या महत्त्व है?

उत्तर: जैव विविधता विवरणिका किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों, पशुओं, पक्षियों और कीटों की जानकारी सुरक्षित रखती है। इससे पता चलता है कि समय के साथ कौन-सी प्रजातियाँ बढ़ या घट रही हैं। यह प्रकृति के अध्ययन, उपयोगी प्रजातियों की पहचान और उनके संरक्षण में सहायता करती है।

5. परियोजना से संबंधित अन्य कौन-सी नौकरियाँ हैं?

उत्तर: इस परियोजना से संबंधित नौकरियों में किसान, माली, नर्सरी कर्मचारी, वनरक्षक, वन अधिकारी, उद्यान विशेषज्ञ, कृषि वैज्ञानिक, कीट विशेषज्ञ, वन्यजीव फोटोग्राफर, मधुमक्खी पालक, पर्यावरण शिक्षक, पशु चिकित्सक और जैव विविधता शोधकर्ता शामिल हैं।

6. गतिविधि से संबंधित नौकरियों के कुछ उदाहरण और उनके कार्य

उत्तर:

  • वन अधिकारी: वनों, पेड़-पौधों और वन्यजीवों की रक्षा करता है।
  • वैज्ञानिक: जीवों का अध्ययन करके नई जानकारी प्राप्त करता है।
  • संरक्षणवादी: संकट में पड़े जीवों और उनके आवासों को बचाता है।
  • माली: पौधे लगाता है और उनकी देखभाल करता है।
  • कृषि वैज्ञानिक: फसलों, मिट्टी और कीट नियंत्रण का अध्ययन करता है।
  • कीट विज्ञानी: विभिन्न कीटों और उनके प्रभावों का अध्ययन करता है।
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