Class 6 · व्यावसायिक शिक्षा · Hindi Medium · Chapter Notes

परियोजना 4: एनिमेशन और खेल (गेम्स)

इस परियोजना के संपूर्ण नोट्स, मुख्य अवधारणाएँ, उदाहरण, शब्दावली और सारांश नीचे पढ़ें।

Kaushal Bodh | कौशल बोधभाग 2— मशीनों और उपकरणों के साथ कार्य करनाChapter Notes
Class
6
Subject
व्यावसायिक शिक्षा
Book
Kaushal Bodh | कौशल बोध
Medium
Hindi
संपूर्ण नोट्स एवं सारांश

खेल डिजाइन, स्क्रैच, स्प्राइट, कोडिंग ब्लॉक, एनिमेशन, परीक्षण और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संपूर्ण नोट्स।

1. परिचय

खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं। खेलों के माध्यम से हम योजना बनाना, नियमों का पालन करना, समस्याओं का समाधान करना, मिलकर काम करना और नई चीजें बनाना सीखते हैं। कंप्यूटर पर अपना खेल बनाने के लिए हम स्क्रैच (Scratch) जैसे सरल कोडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।

स्क्रैच में रंग-बिरंगे कोडिंग ब्लॉकों को जोड़कर कहानी, एनिमेशन, जन्मदिन कार्ड और खेल बनाए जाते हैं। इसमें कठिन प्रोग्रामिंग भाषा लिखने की आवश्यकता नहीं होती।

2. खेल क्या है?

खेल ऐसी गतिविधि है जिसे मनोरंजन, सीखने या प्रतियोगिता के लिए कुछ निश्चित नियमों के अनुसार खेला जाता है।

प्रत्येक खेल में सामान्यतः ये चीजें होती हैं:

  • खिलाड़ी
  • उद्देश्य या लक्ष्य
  • नियम
  • चुनौती
  • अंक अथवा स्कोर
  • जीतने और हारने की शर्त
  • खेल की सामग्री या उपकरण

उदाहरण के लिए, “फल पकड़ो” खेल में खिलाड़ी को टोकरी से अच्छे फल पकड़ने होते हैं। अच्छे फल पकड़ने पर अंक बढ़ते हैं और खराब फल पकड़ने पर अंक घटते हैं।

3. ऑनलाइन और ऑफलाइन खेल

ऑनलाइन या डिजिटल खेल

जो खेल मोबाइल, कंप्यूटर या टैबलेट पर खेले जाते हैं, उन्हें डिजिटल खेल कहते हैं। कुछ डिजिटल खेल खेलने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता होती है।

इनकी विशेषताएँ:

  • रंगीन चित्र और एनिमेशन
  • संगीत और ध्वनि प्रभाव
  • अलग-अलग स्तर
  • स्कोर और समय-सीमा
  • तुरंत परिणाम
  • कंप्यूटर अथवा दूसरे खिलाड़ियों के साथ खेलने की सुविधा

ऑफलाइन खेल

जो खेल मैदान, घर या कक्षा में बिना किसी डिजिटल उपकरण के खेले जाते हैं, उन्हें ऑफलाइन खेल कहते हैं।

उदाहरण:

  • क्रिकेट
  • कबड्डी
  • खो-खो
  • लूडो
  • शतरंज
  • साँप-सीढ़ी
  • कैरम

इन खेलों से शारीरिक व्यायाम, सहयोग, खेल-भावना और अनुशासन का विकास होता है।

4. स्क्रैच क्या है?

स्क्रैच एक ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग प्लेटफॉर्म है। इसमें कोडिंग ब्लॉकों को एक-दूसरे से जोड़कर प्रोग्राम बनाया जाता है।

स्क्रैच की सहायता से हम बना सकते हैं:

  • एनिमेशन
  • डिजिटल कहानियाँ
  • प्रश्नोत्तरी
  • जन्मदिन कार्ड
  • शैक्षिक परियोजनाएँ
  • छोटे कंप्यूटर गेम

स्क्रैच का उपयोग वेबसाइट पर ऑनलाइन या कंप्यूटर में स्थापित ऑफलाइन संस्करण द्वारा किया जा सकता है।

5. स्क्रैच के प्रमुख भाग

5.1 मंच (Stage)

मंच वह स्थान है जहाँ स्प्राइट अपना कार्य करते हैं। खेल या एनिमेशन का परिणाम मंच पर दिखाई देता है।

5.2 स्प्राइट (Sprite)

स्क्रैच में किसी पात्र या वस्तु को स्प्राइट कहते हैं।

उदाहरण:

  • बिल्ली
  • टोकरी
  • सेब
  • केला
  • गेंद
  • खिलाड़ी

स्प्राइट को स्क्रैच लाइब्रेरी, कंप्यूटर, कैमरे या ड्रॉइंग टूल से जोड़ा जा सकता है।

5.3 बैकड्रॉप (Backdrop)

मंच की पृष्ठभूमि को बैकड्रॉप कहते हैं। बैकड्रॉप से परियोजना का स्थान या वातावरण दिखाई देता है।

उदाहरण:

  • बगीचा
  • विद्यालय
  • जंगल
  • अंतरिक्ष
  • खेल का मैदान

5.4 पोशाक (Costume)

स्प्राइट के अलग-अलग रूपों को पोशाक कहते हैं। पोशाक बदलकर स्प्राइट को चलता, नाचता या बोलता हुआ दिखाया जा सकता है।

5.5 स्क्रिप्ट (Script)

कोडिंग ब्लॉकों के समूह को स्क्रिप्ट कहते हैं। स्क्रिप्ट स्प्राइट को बताती है कि उसे क्या कार्य करना है।

5.6 साउंड (Sound)

साउंड ब्लॉक की सहायता से परियोजना में संगीत, आवाज और ध्वनि प्रभाव जोड़े जाते हैं।

6. स्क्रैच के कोडिंग ब्लॉक

6.1 मोशन ब्लॉक (Motion Blocks)

इनका उपयोग स्प्राइट को चलाने या उसकी स्थिति बदलने के लिए किया जाता है।

उदाहरण:

  • 10 कदम चलें
  • x को 10 से बदलें
  • किसी स्थान पर जाएँ
  • दाएँ या बाएँ मुड़ें

6.2 लुक्स ब्लॉक (Looks Blocks)

इनका उपयोग स्प्राइट के रूप, आकार, रंग और संवाद बदलने के लिए होता है।

उदाहरण:

  • “नमस्ते!” कहें
  • पोशाक बदलें
  • आकार बदलें
  • दिखाएँ या छिपाएँ

6.3 साउंड ब्लॉक (Sound Blocks)

इनसे संगीत और ध्वनि प्रभाव बजाए जाते हैं।

उदाहरण:

  • ध्वनि बजाएँ
  • सभी ध्वनियों को रोकें
  • आवाज की तीव्रता बदलें

6.4 इवेंट ब्लॉक (Event Blocks)

ये किसी घटना के होने पर कार्यक्रम को शुरू करते हैं।

उदाहरण:

  • जब हरे झंडे पर क्लिक किया जाए
  • जब किसी कुंजी को दबाया जाए
  • जब कोई संदेश प्राप्त हो

6.5 कंट्रोल ब्लॉक (Control Blocks)

इनका उपयोग कोड के कार्य करने के क्रम को नियंत्रित करने के लिए होता है।

उदाहरण:

  • हमेशा दोहराएँ
  • कुछ बार दोहराएँ
  • प्रतीक्षा करें
  • यदि–तो
  • यदि–तो–अन्यथा

6.6 सेंसिंग ब्लॉक (Sensing Blocks)

इनसे स्प्राइट अपने आसपास की स्थिति को पहचानता है।

उदाहरण:

  • क्या टोकरी को छू रहा है?
  • क्या किनारे को छू रहा है?
  • क्या कोई कुंजी दबाई गई है?

6.7 ऑपरेटर ब्लॉक (Operator Blocks)

इनका उपयोग गणना और तुलना के लिए किया जाता है।

उदाहरण:

  • जोड़ और घटाव
  • किसी संख्या से बड़ा या छोटा
  • दो मानों की तुलना
  • कोई भी संख्या चुनना

6.8 वेरिएबल ब्लॉक (Variable Blocks)

वेरिएबल ऐसा पात्र है जिसमें कोई संख्या या जानकारी रखी जाती है।

खेल में वेरिएबल का उपयोग निम्नलिखित के लिए हो सकता है:

  • स्कोर
  • जीवन
  • समय
  • स्तर
  • गति

7. प्रोग्रामिंग की महत्त्वपूर्ण अवधारणाएँ

7.1 अनुक्रम (Sequence)

निर्देशों को सही क्रम में लगाना अनुक्रम कहलाता है। निर्देशों का क्रम गलत होने पर प्रोग्राम सही ढंग से काम नहीं करेगा।

7.2 लूप (Loop)

एक ही कार्य को बार-बार कराने के लिए लूप का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण: फल को लगातार ऊपर से नीचे गिराना।

7.3 सशर्त कथन (Conditional Statement)

जब किसी शर्त के पूरा होने पर कोई कार्य किया जाता है, तो उसे सशर्त कथन कहते हैं।

उदाहरण:

यदि फल टोकरी को छुए

तो स्कोर में 1 जोड़ें।

7.4 इवेंट (Event)

जिस घटना से कोई कार्य शुरू होता है, उसे इवेंट कहते हैं।

उदाहरण:

  • हरे झंडे पर क्लिक करना
  • तीर वाली कुंजी दबाना
  • कोई संदेश प्राप्त होना

7.5 ब्रॉडकास्ट (Broadcast)

ब्रॉडकास्ट ब्लॉक द्वारा एक स्प्राइट दूसरे स्प्राइट को संदेश भेज सकता है। इससे कई कार्यों को एक साथ या सही क्रम में शुरू कराया जा सकता है।

7.6 क्लोन (Clone)

किसी स्प्राइट की समान प्रतिलिपि बनाने को क्लोन कहते हैं। इसका उपयोग एक जैसे कई फल, गेंद या शत्रु बनाने में किया जा सकता है।

8. एनिमेशन बनाना

स्थिर चित्रों को इस प्रकार बदलना कि उनमें गति दिखाई दे, एनिमेशन कहलाता है।

एनिमेशन बनाने के लिए:

  • स्प्राइट चुनें।
  • उपयुक्त बैकड्रॉप लगाएँ।
  • स्प्राइट की पोशाकें तैयार करें।
  • मोशन और लुक्स ब्लॉक जोड़ें।
  • इवेंट तथा कंट्रोल ब्लॉक लगाएँ।
  • संगीत और ध्वनि प्रभाव जोड़ें।
  • परियोजना चलाकर उसकी जाँच करें।

तेजी से पोशाक बदलने पर स्प्राइट चलता या नाचता हुआ दिखाई देता है।

9. एनिमेटेड जन्मदिन कार्ड

स्क्रैच में मित्र के लिए एनिमेटेड जन्मदिन कार्ड भी बनाया जा सकता है।

इसके लिए:

  • मित्र की अनुमति लेकर उसका चित्र स्प्राइट के रूप में जोड़ें।
  • जन्मदिन की आकर्षक पृष्ठभूमि चुनें।
  • “जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!” संदेश दिखाएँ।
  • स्प्राइट को चलने, बोलने या नाचने का कोड दें।
  • जन्मदिन का संगीत जोड़ें।
  • कार्ड की जाँच करके उसे सहेजें और साझा करें।

किसी व्यक्ति का चित्र उसकी और उसके माता-पिता की अनुमति के बिना साझा नहीं करना चाहिए।

10. खेल की डिजाइन तैयार करना

कोडिंग शुरू करने से पहले खेल की योजना बनाना आवश्यक है। इसे गेम डिजाइन कहते हैं।

खेल की योजना में निम्नलिखित बातों का निर्णय लिया जाता है:

  • खेल का नाम
  • खेल का उद्देश्य
  • पात्र और वस्तुएँ
  • पृष्ठभूमि
  • खेल के नियम
  • नियंत्रण की कुंजियाँ
  • अंक प्राप्त करने का तरीका
  • जीवन की संख्या
  • जीतने और हारने की शर्त
  • संगीत तथा ध्वनि प्रभाव
  • कठिनाई और स्तर

खेल की योजना को कागज पर रेखाचित्र, आलेख या स्टोरीबोर्ड के रूप में बनाया जा सकता है।

11. “फल पकड़ो” खेल का उदाहरण

खेल का उद्देश्य

टोकरी की सहायता से अच्छे फलों को पकड़ना और खराब फलों से बचना।

खेल के मुख्य घटक

  • बगीचे की पृष्ठभूमि
  • टोकरी
  • सेब और केला
  • खराब फल
  • स्कोर
  • जीवन
  • संगीत और ध्वनि प्रभाव

खेल के नियम

  • टोकरी बाएँ और दाएँ तीर वाली कुंजियों से चलेगी।
  • अच्छा फल पकड़ने पर एक अंक मिलेगा।
  • फल छूटने पर एक जीवन कम होगा।
  • खराब फल पकड़ने पर एक अंक घटेगा।
  • 10 अंक प्राप्त करने पर खिलाड़ी जीत जाएगा।
  • तीनों जीवन समाप्त होने पर खेल बंद हो जाएगा।

खेल में उपयोग होने वाले ब्लॉक

  • मोशन ब्लॉक— टोकरी और फलों को चलाने के लिए
  • इवेंट ब्लॉक— खेल शुरू करने के लिए
  • कंट्रोल ब्लॉक— नियम लागू करने के लिए
  • सेंसिंग ब्लॉक— फल और टोकरी का स्पर्श पहचानने के लिए
  • वेरिएबल— स्कोर और जीवन रखने के लिए
  • साउंड ब्लॉक— संगीत एवं ध्वनि प्रभाव के लिए

12. खेल की जाँच और त्रुटि सुधार

खेल तैयार होने के बाद उसे बार-बार चलाकर जाँचना आवश्यक है। खेल में मौजूद गलती को बग (Bug) और उसे खोजकर सुधारने की प्रक्रिया को डिबगिंग (Debugging) कहते हैं।

खेल की जाँच करते समय देखें:

  • क्या सभी स्प्राइट सही ढंग से चल रहे हैं?
  • क्या नियंत्रण कुंजियाँ काम कर रही हैं?
  • क्या स्कोर सही बढ़ या घट रहा है?
  • क्या जीवन सही कम हो रहा है?
  • क्या जीत और हार का संदेश दिखाई दे रहा है?
  • क्या संगीत और ध्वनि सही समय पर चल रहे हैं?
  • क्या खेल बहुत तेज या बहुत धीमा तो नहीं है?

कोड को छोटे-छोटे भागों में बनाकर जाँचने से त्रुटि खोजना आसान होता है।

13. खेल साझा करना

जाँच पूरी होने के बाद स्क्रैच में बने खेल को सहेजा और साझा किया जा सकता है। खेल साझा करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:

  • खेल ठीक ढंग से काम कर रहा हो।
  • उसमें व्यक्तिगत जानकारी न दी गई हो।
  • उपयोग किए गए चित्र और संगीत उचित हों।
  • माता-पिता या शिक्षक की अनुमति ली गई हो।
  • खेल में अनुचित भाषा या सामग्री न हो।

14. सहयोग का महत्त्व

खेल बनाते समय सहपाठियों और शिक्षक की सहायता उपयोगी होती है। दूसरों के सुझावों से खेल को अधिक रोचक बनाया जा सकता है।

सहयोग से हम सीखते हैं:

  • नए कोडिंग ब्लॉक
  • त्रुटि खोजना
  • समस्या का समाधान
  • विचारों का आदान-प्रदान
  • टीम में काम करना
  • दूसरों की सहायता करना

किसी दूसरे विद्यार्थी की परियोजना को सीधे नकल करने के बजाय उससे सीखकर अपना नया विचार बनाना चाहिए।

15. सुरक्षित डिजिटल व्यवहार

स्क्रैच या किसी ऑनलाइन मंच का उपयोग करते समय इन नियमों का पालन करना चाहिए:

  • मजबूत पासवर्ड बनाएँ।
  • पासवर्ड किसी से साझा न करें।
  • व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें।
  • अनजान लोगों से बातचीत न करें।
  • किसी का चित्र अनुमति के बिना अपलोड न करें।
  • अनुचित सामग्री दिखने पर माता-पिता या शिक्षक को बताएँ।
  • इंटरनेट का उपयोग बड़ों की देखरेख में करें।
  • स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बचें।

16. परियोजना से संबंधित व्यवसाय

व्यवसायमुख्य कार्य
गेम डिजाइनरखेल की कहानी, नियम और स्तर बनाता है।
गेम डेवलपरकोडिंग द्वारा खेल तैयार करता है।
प्रोग्रामरकंप्यूटर के लिए निर्देश लिखता है।
ग्राफिक डिजाइनरपात्र, वस्तुएँ और पृष्ठभूमि बनाता है।
एनिमेटरचित्रों और पात्रों को चलायमान बनाता है।
साउंड डिजाइनरसंगीत और ध्वनि प्रभाव तैयार करता है।
गेम टेस्टरखेल की जाँच करके त्रुटियाँ खोजता है।
कहानी लेखकखेल की कहानी और संवाद लिखता है।
ऐप डेवलपरमोबाइल और टैबलेट के लिए ऐप बनाता है।
सॉफ्टवेयर डेवलपरअलग-अलग प्रकार के कंप्यूटर प्रोग्राम बनाता है।

17. प्रमुख शब्दावली

  • स्क्रैच: ब्लॉक के माध्यम से कोडिंग करने का मंच
  • स्प्राइट: खेल का पात्र या वस्तु
  • स्टेज: वह स्थान जहाँ परियोजना दिखाई देती है
  • बैकड्रॉप: मंच की पृष्ठभूमि
  • कॉस्ट्यूम: स्प्राइट का रूप या पोशाक
  • स्क्रिप्ट: जुड़े हुए कोडिंग ब्लॉकों का समूह
  • एनिमेशन: चित्रों में गति का प्रभाव
  • वेरिएबल: संख्या या जानकारी रखने का स्थान
  • लूप: निर्देशों को बार-बार चलाना
  • कंडीशन: किसी कार्य के लिए निर्धारित शर्त
  • बग: प्रोग्राम में होने वाली त्रुटि
  • डिबगिंग: त्रुटि को खोजकर ठीक करना
  • ब्रॉडकास्ट: एक स्प्राइट से दूसरे स्प्राइट को संदेश भेजना
  • क्लोन: स्प्राइट की समान प्रतिलिपि

अध्याय का सारांश

इस अध्याय में हमने ऑनलाइन और ऑफलाइन खेलों के बारे में जाना। हमने सीखा कि स्क्रैच एक सरल ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग मंच है, जिसकी सहायता से एनिमेशन, कहानी, जन्मदिन कार्ड और खेल बनाए जा सकते हैं। स्क्रैच के प्रमुख भाग मंच, स्प्राइट, बैकड्रॉप, पोशाक, स्क्रिप्ट और ध्वनि हैं।

मोशन ब्लॉक स्प्राइट को चलाते हैं, लुक्स ब्लॉक उसका रूप बदलते हैं, इवेंट ब्लॉक कार्य शुरू करते हैं और कंट्रोल ब्लॉक निर्देशों का क्रम नियंत्रित करते हैं। सेंसिंग ब्लॉक स्पर्श जैसी स्थिति पहचानते हैं तथा वेरिएबल स्कोर और जीवन जैसी जानकारी रखते हैं।

खेल बनाने से पहले उसके उद्देश्य, पात्रों, नियमों, नियंत्रण, स्कोर और जीत-हार की शर्तों की योजना बनानी चाहिए। खेल तैयार होने के बाद परीक्षण और डिबगिंग द्वारा उसकी त्रुटियाँ सुधारी जाती हैं। सहपाठियों और शिक्षक के सुझावों से परियोजना को बेहतर बनाया जा सकता है। इस परियोजना से रचनात्मकता, तार्किक सोच, समस्या-समाधान, सहयोग और डिजिटल कौशल का विकास होता है।

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