Class 6 · व्यावसायिक शिक्षा · Hindi Medium · Question Answers

परियोजना 5: विद्यालयी संग्रहालय

पुस्तक की गतिविधियों, तालिकाओं और प्रश्नों के संपूर्ण विद्यार्थी-अनुकूल उत्तर नीचे पढ़ें।

Kaushal Bodh | कौशल बोधभाग 3— मानव सेवाओं में कार्य करनाQuestion Answers
Class
6
Subject
व्यावसायिक शिक्षा
Book
Kaushal Bodh | कौशल बोध
Medium
Hindi
संपूर्ण प्रश्न-उत्तर

विद्यालयी संग्रहालय परियोजना की सभी गतिविधियों, तालिकाओं और चिंतन प्रश्नों के संपूर्ण नमूना उत्तर।

गतिविधि 1—संग्रहालय का भ्रमण करना

1. संग्रहालय में आपने सबसे रोचक प्रदर्शनी कौन-सी देखी?

मैंने संग्रहालय में प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी देखी। उसमें अलग-अलग राजाओं और कालों में चलने वाले सोने, चाँदी और ताँबे के सिक्के प्रदर्शित किए गए थे।

2. आपको यह प्रदर्शनी रोचक क्यों लगी?

यह प्रदर्शनी मुझे इसलिए रोचक लगी क्योंकि सिक्कों पर राजाओं, पशुओं, धार्मिक चिह्नों और विभिन्न लिपियों के चित्र बने हुए थे। इन सिक्कों से हमें उस समय के इतिहास, व्यापार और शासन के बारे में जानकारी मिलती है।

3. एक ऐसी प्रदर्शनी का वर्णन कीजिए जिसका हमारे जीवन में आज भी महत्त्व बना हुआ है।

संग्रहालय में पुराने कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी आज भी महत्त्वपूर्ण है। हल, दरांती और अनाज पीसने वाली चक्की जैसे उपकरणों के नए रूपों का उपयोग आज भी खेती और घरेलू कार्यों में किया जाता है।

गतिविधि 2—अपने परिवार और क्षेत्र का इतिहास जानिए

1. क्या आपके गाँव, कस्बे या शहर का कभी कोई दूसरा नाम था?

हाँ, दिल्ली को प्राचीन काल में इंद्रप्रस्थ और ढिल्लिका जैसे नामों से भी जाना जाता था। समय के साथ इसका नाम दिल्ली प्रचलित हो गया।

2. क्या आप जानते हैं कि शहर की स्थापना कब हुई थी? यदि हाँ, तो वर्ष लिखिए।

दिल्ली एक बहुत प्राचीन शहर है, इसलिए इसकी स्थापना का कोई एक निश्चित वर्ष बताना कठिन है। नई दिल्ली को भारत की नई राजधानी बनाने की घोषणा वर्ष 1911 में हुई थी और इसका उद्घाटन वर्ष 1931 में किया गया था।

3. आपका परिवार मूल रूप से कहाँ से आया था?

मेरा परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एक गाँव से आया था और बाद में रोजगार तथा शिक्षा के लिए दिल्ली में बस गया। (विद्यार्थी इसे अपने परिवार की जानकारी के अनुसार बदल सकता है।)

4. क्या आपकी कोई पारिवारिक परंपराएँ या रीति-रिवाज हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं?

हाँ, हमारे परिवार में त्योहारों पर पूरा परिवार एक साथ पूजा करता है। हम दीपावली पर घर में दीये जलाते हैं और होली पर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। विशेष अवसरों पर पारंपरिक भोजन भी बनाया जाता है।

5. क्या आपके शहर से जुड़ी कोई स्थानीय कहानी या परंपरा है?

दिल्ली से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता यह है कि प्राचीन काल में यहाँ पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ थी। दिल्ली में हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर भव्य परेड आयोजित होती है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से अनेक लोग आते हैं।

6. क्या आपके शहर में कोई ऐतिहासिक स्मारक या भवन है? संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

हाँ, दिल्ली में लाल किला स्थित है। इसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ ने करवाया था। यह लाल बलुआ पत्थर से बना है। प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री यहाँ राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

7. क्या आपने कोई पुराना संस्थान या स्मारक देखा है? यह क्यों प्रसिद्ध है?

हाँ, मैंने कुतुब मीनार देखी है। यह दिल्ली में स्थित एक ऊँची ऐतिहासिक मीनार है। यह अपनी सुंदर नक्काशी, वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्त्व के कारण प्रसिद्ध है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।

8. आपके घर में सबसे पुरानी कलाकृतियाँ कौन-सी हैं? उनके नाम लिखिए।

मेरे घर में निम्नलिखित पुरानी कलाकृतियाँ हैं—

  • दादाजी के पुराने सिक्के
  • दादीजी का पीतल का लोटा
  • पुराना ट्रांजिस्टर रेडियो
  • परिवार का पुराना फोटो एल्बम
  • हाथ की कढ़ाई वाली पुरानी शॉल

गतिविधि 3—कलाकृतियों को पहचानना और उनके विषय में जानना

तालिका 5.1—कलाकृतियों का विवरण

प्रश्नकलाकृति 1कलाकृति 2कलाकृति 3कलाकृति 4कलाकृति 5
कलाकृति क्या है?पुराने सिक्केपीतल का लोटाट्रांजिस्टर रेडियोफोटो एल्बमकढ़ाई वाली शॉल
इसका स्वामी कौन है?दादाजीदादीजीदादाजीमाता-पितादादीजी
यह कितनी पुरानी है?लगभग 60 वर्षलगभग 55 वर्षलगभग 40 वर्षलगभग 35 वर्षलगभग 45 वर्ष
क्या इसे कक्षा में लाएँगे या चित्र लाएँगे?चित्र लाऊँगा, क्योंकि सिक्के मूल्यवान हैंचित्र लाऊँगासावधानी से कक्षा में लाऊँगाकुछ तस्वीरों की प्रतियाँ लाऊँगाइसका चित्र लाऊँगा

गतिविधि 4—संग्रहालय के लिए कलाकृतियों का चयन करना

1. आप प्रदर्शनी के लिए अंतिम पाँच कलाकृतियों का चयन कैसे करेंगे?

कलाकृतियों का चयन करते समय मैं उनकी आयु, ऐतिहासिक महत्त्व, सांस्कृतिक विशेषता और वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखूँगा। मैं यह भी देखूँगा कि वस्तु को सुरक्षित रूप से विद्यालय लाया जा सकता है या नहीं। अलग-अलग प्रकार की, रोचक कहानी वाली और अच्छी स्थिति में रखी वस्तुओं को प्राथमिकता दूँगा। वस्तु के स्वामी की अनुमति भी अवश्य लूँगा।

तालिका 5.2—पहचानी गई कलाकृतियों का विवरण

वस्तुचित्रऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उपयोगिताक्या वर्तमान में उपयोग हो रहा है?
वस्तु 1—पुराने सिक्केसिक्कों का चित्र बनाएँ या चिपकाएँये सिक्के पुराने समय की मुद्रा, शासन और व्यापार की जानकारी देते हैं।नहीं
वस्तु 2—पीतल का लोटापीतल के लोटे का चित्रपहले इसका उपयोग पानी रखने और धार्मिक कार्यों में होता था।हाँ
वस्तु 3—ट्रांजिस्टर रेडियोपुराने रेडियो का चित्रटेलीविजन और मोबाइल से पहले रेडियो समाचार तथा मनोरंजन का प्रमुख साधन था।नहीं
वस्तु 4—फोटो एल्बमफोटो एल्बम का चित्रयह परिवार के पुराने सदस्यों, समारोहों और यादों को सुरक्षित रखता है।हाँ
वस्तु 5—कढ़ाई वाली शॉलशॉल का चित्रयह पारंपरिक हस्तकला का उदाहरण है और सर्दी से बचाती है।हाँ

गतिविधि 5—कलाकृतियों को सुरक्षित रखना

1. कलाकृतियाँ सुरक्षित और अच्छी स्थिति में रहें, इसके लिए आप क्या करेंगे?

मैं कलाकृतियों को साफ, सूखे और सुरक्षित डिब्बों में रखूँगा। पुराने सिक्कों को अलग-अलग पारदर्शी पाउच में रखूँगा तथा पीतल के लोटे को मुलायम और सूखे कपड़े से साफ करूँगा। वस्तुओं को तेज धूप, नमी, धूल और पानी से बचाऊँगा। उन्हें बिना अनुमति छूने नहीं दूँगा और प्रत्येक वस्तु के पास उसका नाम-पत्र लगाऊँगा।

गतिविधि 6—कलाकृतियों पर प्रस्तुति तैयार करना

1. आप किस तरह की प्रस्तुति देंगे?

मैं कलाकृतियों पर एक डिजिटल स्लाइड प्रस्तुति दूँगा।

2. आपने इस प्रस्तुति का चयन क्यों किया?

डिजिटल स्लाइड प्रस्तुति में कलाकृतियों के स्पष्ट और बड़े चित्र दिखाए जा सकते हैं। इसमें वस्तुओं का नाम, आयु, स्वामी, उपयोग और इतिहास सरल शब्दों में लिखा जा सकता है। रंगों और चित्रों के कारण आगंतुकों को जानकारी समझने में आसानी होगी।

3. आपकी प्रस्तुति की विशेषताएँ क्या हैं?

मेरी प्रस्तुति में कुल सात स्लाइड होंगी और इसकी अवधि लगभग पाँच से सात मिनट होगी। पहली स्लाइड पर शीर्षक, अगली पाँच स्लाइडों पर पाँच कलाकृतियों की जानकारी और अंतिम स्लाइड पर छोटा-सा प्रश्नोत्तरी भाग होगा। अक्षर बड़े और भाषा सरल होगी।

गतिविधि 7—कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन करना

वस्तु-सूचक पत्र पर विवरण

वस्तुसूचक पत्र पर विवरण
वस्तु 1—पुराने सिक्केलगभग 60 वर्ष पुराने सिक्के। ये पुराने समय की मुद्रा और व्यापार की जानकारी देते हैं।
वस्तु 2—पीतल का लोटालगभग 55 वर्ष पुराना बर्तन। इसका उपयोग पानी रखने और पूजा में किया जाता था।
वस्तु 3—ट्रांजिस्टर रेडियोलगभग 40 वर्ष पुराना रेडियो। इससे समाचार, गीत और कार्यक्रम सुने जाते थे।
वस्तु 4—फोटो एल्बमलगभग 35 वर्ष पुराना पारिवारिक एल्बम। इसमें परिवार की पुरानी यादें सुरक्षित हैं।
वस्तु 5—कढ़ाई वाली शॉललगभग 45 वर्ष पुरानी हाथ से बनी शॉल। यह पारंपरिक कढ़ाई का सुंदर नमूना है।

प्रदर्शनी का नमूना लेआउट

परियोजना का सहायक चित्र
परियोजना का सहायक चित्र

प्रत्येक वस्तु को सुरक्षित मेज या स्टैंड पर रखा जाएगा। वस्तु के सामने उसका सूचक पत्र होगा। आगंतुकों के चलने के लिए बीच में पर्याप्त स्थान छोड़ा जाएगा।

मैंने दूसरों से क्या सीखा?

संग्रहालयों द्वारा कलाकृतियों की देखभाल की तीन विधियाँ

(क) सुरक्षित प्रदर्शन पेटियाँ

मूल्यवान कलाकृतियों को काँच की बंद पेटियों में रखा जाता है, ताकि वे धूल, नमी और लोगों के स्पर्श से सुरक्षित रहें।

(ख) तापमान और नमी का नियंत्रण

संग्रहालयों में तापमान और नमी को नियंत्रित रखा जाता है, ताकि लकड़ी, कागज, कपड़े और धातु की वस्तुएँ खराब न हों।

(ग) नियमित सफाई और निरीक्षण

विशेषज्ञ मुलायम ब्रश और सुरक्षित पदार्थों से कलाकृतियों की सफाई करते हैं। समय-समय पर उनकी जाँच करके टूट-फूट, जंग और कीड़ों से बचाया जाता है।

मैंने जो तीन बातें सीखीं

  • प्रत्येक पुरानी वस्तु के पीछे कोई न कोई ऐतिहासिक या पारिवारिक कहानी होती है।
  • कलाकृतियों को धूप, धूल, नमी और अनुचित स्पर्श से बचाना आवश्यक है।
  • प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए योजना, समूह-कार्य, सही जानकारी और प्रस्तुति कौशल जरूरी हैं।

आगंतुकों से सीखना

आगंतुकों से प्राप्त प्रतिपुष्टि के तीन उदाहरण

  • कलाकृतियों के चित्र और सूचक पत्र सुंदर तथा जानकारीपूर्ण थे।
  • कुछ सूचक पत्रों के अक्षर छोटे थे, इसलिए उन्हें और बड़ा किया जाना चाहिए।
  • प्रदर्शनी में एक छोटा वीडियो या प्रश्नोत्तरी जोड़ने से यह अधिक रोचक बन सकती है।

इस प्रतिपुष्टि से आपने क्या सीखा?

मैंने सीखा कि प्रदर्शनी में केवल सही जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे साफ, बड़े और आकर्षक रूप में प्रस्तुत करना भी आवश्यक है। आगंतुकों के लिए पर्याप्त स्थान, अच्छी रोशनी और सरल भाषा होनी चाहिए। अगली बार मैं बड़े सूचक पत्र, एक छोटा वीडियो और रोचक प्रश्नोत्तरी भी शामिल करूँगा।

सोचिए और उत्तर दीजिए

1. आपको क्या करने में आनंद आया?

मुझे अपने घर की पुरानी वस्तुओं को खोजने, उनके विषय में दादा-दादी से जानकारी लेने और उनके सूचक पत्र बनाने में सबसे अधिक आनंद आया। प्रदर्शनी में आगंतुकों को कलाकृतियों की कहानी बताना भी बहुत अच्छा लगा।

2. आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

मुझे कलाकृतियों की सही आयु और इतिहास का पता लगाने में कठिनाई हुई। कुछ वस्तुएँ भारी और मूल्यवान थीं, इसलिए उन्हें विद्यालय लाना सुरक्षित नहीं था। प्रदर्शनी के लिए वस्तुओं को सही क्रम में रखना भी एक चुनौती थी।

3. आप क्या अलग करना चाहेंगे?

अगली बार मैं कलाकृतियों के वीडियो, ऑडियो विवरण और बड़े चित्र भी प्रदर्शित करना चाहूँगा। मैं अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग रंगों के सूचक पत्र बनाऊँगा और आगंतुकों के लिए एक रोचक प्रश्नोत्तरी भी रखूँगा।

4. संग्रहालय हमें अपनी विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के विषय में जानने में कैसे सहायता करते हैं?

संग्रहालय पुरानी कलाकृतियों, सिक्कों, औजारों, वस्त्रों, पांडुलिपियों और चित्रों को सुरक्षित रखते हैं। इन वस्तुओं से हमें प्राचीन लोगों के रहन-सहन, भोजन, पहनावे, कला, विज्ञान और व्यवसाय की जानकारी मिलती है। इस प्रकार संग्रहालय हमारी विरासत को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखते हैं।

5. परियोजना से संबंधित अन्य कौन-सी नौकरियाँ हैं?

इस परियोजना से संबंधित प्रमुख नौकरियाँ हैं—

  • पुरातत्वविद्—प्राचीन स्थलों की खुदाई और वस्तुओं का अध्ययन करते हैं।
  • इतिहासकार—पुराने समय की घटनाओं और स्रोतों का अध्ययन करते हैं।
  • संग्रहालय क्यूरेटर—संग्रहालय की वस्तुओं का चयन और प्रबंधन करते हैं।
  • संरक्षण विशेषज्ञ—पुरानी कलाकृतियों की मरम्मत और सुरक्षा करते हैं।
  • टूर गाइड—आगंतुकों को संग्रहालय और वस्तुओं की जानकारी देते हैं।
  • अभिलेखपाल—पुराने दस्तावेजों और अभिलेखों को सुरक्षित रखते हैं।
  • संग्रहालय शिक्षक—विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक गतिविधियाँ आयोजित करते हैं।
  • फोटोग्राफर और प्रदर्शनी डिजाइनर—कलाकृतियों के चित्र लेते और प्रदर्शनी को आकर्षक बनाते हैं।
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